वीर जवान सरहद पर जाते तन मन जगमग हो जाता है, नमन कोटिशः सब मिल गाते। मातृभूमि पर मर मिटने[...]
पुष्पित हिंदुस्तान है – महाधरणी छंद गीत – राम किशोर पाठकपुष्पित हिंदुस्तान है – महाधरणी छंद गीत – राम किशोर पाठक
पुष्पित हिंदुस्तान है – महाधरणी छंद गीत नमन शहीदों को करें, वीरों का बलिदान है। जिनके पावन त्याग से, पुष्पित[...]
हर घर तिरंगा- विजय शंकर ठाकुरहर घर तिरंगा- विजय शंकर ठाकुर
:- हर घर तिरंगा -: पूछ मत ,पगले कहां पर है ,तिरंगा, शोभता है आज तो हर घर तिरंगा। घूम[...]
हमारा भारतहमारा भारत
हमारा भारत कहते हैं दादा-दादी और कहती है माई, दशकों की गुलामी के बाद हमने यह आज़ादी पाई। तिरंगा फहराने[...]
बलिदानियों के दम पर – अमरनाथ त्रिवेदीबलिदानियों के दम पर – अमरनाथ त्रिवेदी
बलिदानियों के दम पर कर लें कितनी भी कोशिश ,वह कोशिश नहीं है भाती । हो न दिल में जुनून[...]
यह दिन पाया खास है – प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठकयह दिन पाया खास है – प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक
यह दिन पाया खास है – प्रदीप छंद गीत देश हमारा आजादी में, चैन हमारे पास है। कुर्बानी को देकर[...]
स्वदेश पर मिटनेवाले- रत्ना प्रियास्वदेश पर मिटनेवाले- रत्ना प्रिया
स्वदेश पर मिटनेवाले स्वतंत्र, समुन्नत देश के हम, नागरिक कहलाते हैं। स्वदेश पर मिटनेवाले को, श्रद्धा-सुमन चढ़ाते हैं। सन् सत्तावन[...]
चिर निद्रा – विजय शंकर ठाकुरचिर निद्रा – विजय शंकर ठाकुर
-: चिर निद्रा :- चिड़िया फुदक रही थी, डाली पर, सुना रही थी, मीठे गीत, अचानक ! आई नीचे, धम,[...]
आजादी हमने है पाई – प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठकआजादी हमने है पाई – प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक
आजादी हमने है पाई – प्रदीप छंद गीत भारत की धरती शोणित कर, तन-मन लहूलुहान से। आजादी हमने है पाई,[...]
भारत मां की जय जय बोलभारत मां की जय जय बोल
भारत माँ की जय-जय बोल मिट्टी चंदन जल है अमृत, पवन बासंती है चितचोर, मातृभूमि है स्वर्ग से सुंदर, धरा[...]
