आया मकर संक्रांति का पर्व, जो बनाता संतुलन प्रकृति के साथ, संतुलन सूर्योपासना के साथ, संतुलन मानव जीवन के साथ। आया मकर संक्रांति का पर्व, जो जाना जाता है विभिन्न…
कहर-रामपाल प्रसाद सिंह “अनजान”
गजब शीत काया। बदन काट खाया।। अब कहाॅं सवेरा?। अरुण का बसेरा।। कनकनी चढ़ी है। थरथरी बढ़ी है।। सुबह शाम कैसा! लहर एक जैसा।। पिक निवास सोई। मधुर प्रीति खोई।।…
मैं पतंग हूँ मुझे उड़ने दो आकाश में-नीतू रानी
मैं पतंग हूँ मुझे उड़ने दो खुले नीले आकाश में, मेरे पैरों में धागा न बाँधना नही तो गिर जाउंगा मझधार में। अभी मैं हूँ बहुत हीं छोटा मैं हूँ…
जीवन दर्शन-मनु कुमारी
यह जीवन बड़ा अनमोल है, इसे व्यर्थ न गँवाया करो। सुख-दुःख इसमें समाए हुए हैं, इनसे कभी न घबराया करो। सुख-दुःख तो जीवन में आते हैं और जाते हैं, यदि…
मत कर अभी ब्याह मेरी मैया – नीतू रानी
मत कर अभी ब्याह मेरी मैया – नीतू रानी मत कर अभी मेरी ब्याह मेरी मैया, अभी न हुई ब्याह की लायक मेरी मैया। मुझे अभी स्कूल पढ़ने…
एक अभिशाप – विवेक कुमार
एक अभिशाप – विवेक कुमार बेटी ने पूछा बापू से — “इतनी ब्याह की क्या जल्दी?” थोड़ी तो बढ़ जाने दो, अभी तो मैं नादान हूँ, थोड़ी तो ढल…
बाल-विवाह – रत्ना प्रिया
बाल-विवाह – रत्ना प्रिया ब्याह नहीं कोमल कलियों का फूलों-सा खिल जाने दो, बचपन, शिक्षा और यौवन को, मंजिल तो मिल जाने दो । वरदानरूप मिला यह जीवन, बने…
बाल मन – ज्योत्सना वर्द्धन
बाल मन – ज्योत्सना वर्द्धन बाल मन है कितना कोमल सपनों में रहता है उलझा नन्हें ख्वाब बुनती है निंदिया बाल मन है कितना कोमल समय से सब काम…
बंद करो बाल विवाह – संगीता कुमारी
बंद करो बाल विवाह – संगीता कुमारी खूब पढ़ाओ यह देनी एक सलाह, बंद कर दो अब तो बाल – विवाह। लड़का एवं लड़की होने दो जवान, ना…
बाल विवाह – नेहा कुमारी
बाल विवाह – नेहा कुमारी खेलने के दिन है अभी, हुआ ना बचपन पूरा, ब्याहने की जल्दी में पढ़ने की लालसा रह जाए ना अधूरा। स्नेह और त्याग की…