Kartik Kumar

मिट्टी मॉडलिंग-कार्तिक कुमारमिट्टी मॉडलिंग-कार्तिक कुमार

0 Comments 9:13 pm

मिट्टी से सुंदर रूप बनाएँ। नई-नई कलाएँ अपनाएँ। हाथी, घोड़ा, फूल बनाएँ। गुड़िया, दीपक खूब सजाएँ। छोटे-छोटे खिलौने गढ़ें। मिलकर[...]

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Kartik Kumar

कचरा पृथक्करण- कार्तिक कुमारकचरा पृथक्करण- कार्तिक कुमार

0 Comments 9:07 pm

गीला-सूखा कचरा बाँटें। स्वच्छता की राह को थामें। हरा डिब्बा, नीला डिब्बा। सही जगह पर डालें कचरा। प्लास्टिक अलग, कागज़[...]

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अहंकार की दुर्गन्धअहंकार की दुर्गन्ध

0 Comments 11:56 am

अहंकार की दुर्गंध पैसा, पावर घूम-घूमकर, सबके माथे चूम रहा है. जिसे छू लिया इसने, उसका मन ही झूम रहा[...]

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“ज्ञानी ककहरा “-संतोष कुमार“ज्ञानी ककहरा “-संतोष कुमार

0 Comments 11:55 am

क से कबूतर हम पढ़ते हैं, ख से खरगोश है, उजला – उजला, ग से गमला में पौधे लगाना, घ[...]

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“पहली कक्षा के बच्चे” कविता“पहली कक्षा के बच्चे” कविता

0 Comments 11:54 am

पहली कक्षा के बच्चे, दिखते भोले- भाले, होते मन के सच्चे । पहली कक्षा के बच्चे, पहली कक्षा के बच्चे[...]

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Kartik Kumar

शिक्षक तुम सृजन हो-कार्तिक कुमारशिक्षक तुम सृजन हो-कार्तिक कुमार

0 Comments 5:46 pm

शिक्षक तुम सृजन हो, ज्ञान की अमर निशानी हो, शिक्षक तुम विनाश की अकथ कहानी हो। अज्ञान के अंधेरों का[...]

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Asmita

“एक आह” – स्मिता ठाकुर“एक आह” – स्मिता ठाकुर

0 Comments 5:28 pm

मन ने चाहा बस इतना, कोई अपना इतने पास रहे। दो मीठे से बोल कहे, थोड़ा-सा विश्वास रहे। लेकिन सूनी[...]

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गाय-कार्तिक कुमारगाय-कार्तिक कुमार

0 Comments 11:46 pm

गाय हमारी माता है, सबसे प्यारी, सबसे न्यारी। दूध, दही और घी देकर, करती जीवन की रखवाली। सीधी-सादी, शांत स्वभाव[...]

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सूरज:कार्तिक कुमारसूरज:कार्तिक कुमार

0 Comments 5:21 pm

सूरज पहला जीवनदाता, जग में लाता नया प्रकाश।सूरज दूसरा आशा बनकर, भर देता मन में उल्लास।पहली किरण जग को जगाती,[...]

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एक छोटा बच्चा था-कार्तिक कुमारएक छोटा बच्चा था-कार्तिक कुमार

0 Comments 4:40 pm

एक छोटा बच्चा था, मन से बड़ा सच्चा था। नन्हे-नन्हे उसके सपने, आँखों में उजियारा था। मीठी उसकी प्यारी बोली,[...]

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