ममता की निर्मल सरिता, वसुंधरा सी असह्य पीड़ा, सह कहलाती जननी । स्वयं भूखी परवाह नहीं, बच्चों के क्षुधा मिटाने[...]
माँ की ममता-राम किशोर पाठक माँ की ममता-राम किशोर पाठक
जग में लानेवाली माँ की, ममता का है मोल नहीं। कैसे चर्चा मैं कर पाऊँ, निकल रही है बोल नहीं।।[...]
मां-बिंदु अग्रवालमां-बिंदु अग्रवाल
मैंने उसे कभी चैन से सोते नहीं देखा। मजबूरी का रोना कभी रोते नहीं देखा।। हर वक्त थामे रहती थी[...]
माँ-रूचिकामाँ-रूचिका
अधूरी हसरतों के संग अधूरी सी लगती जिंदगी, खुशियों की बातें लगती सब बिल्कुल ही बेमानी, तेरा साथ मेरे टूटते[...]
वंदन करिए सुभग अवधेश को रामकिशोर पाठकवंदन करिए सुभग अवधेश को रामकिशोर पाठक
वंदन करिए सुभग अवधेश को- विजया/मनोरमा छंद गीत वंदन करिए सुभग अवधेश को। संग विराजे सुता मिथिलेश को।। भव-भंजन सुख-दायक[...]
मेरी मां – आशीष अम्बरमेरी मां – आशीष अम्बर
शीर्षक :- मेरी माँ माँ शब्द एक और अर्थ है अनेक, यह कैसे कर दिखलाती हो । इस एक शब्द[...]
मां भावानंद सिंहमां भावानंद सिंह
माॅं माॅं हमारे जीवन का, मजबूत आधार है, ममता की मूरत है, इसे समझाइए। संसार की जननी है, सफलता की[...]
हर सांस जिससे थी जुड़ी – कुमकुम कुमारीहर सांस जिससे थी जुड़ी – कुमकुम कुमारी
संयुत छंद (वार्णिक मापनी-112 121 121 2) गणावली-सलगा जभान जभान गा हर साँस थी जिससे जुड़ी। मुख मोड़ वो मुझसे[...]
एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए योग -कार्तिक कुमारएक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए योग -कार्तिक कुमार
“एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” योग से स्वस्थ बनेगा अपना हिंदुस्तान। गोरौल की धरती से उठी यह मधुर[...]
बेमौसम बारिश रामकिशोर पाठकबेमौसम बारिश रामकिशोर पाठक
बेमौसम बारिश – बाल कविता बेमौसम जब बारिश आई। गर्मी से कुछ राहत पाई।। पर आँधी तूफान लिए थी। अम्मा[...]
