मत बाँधों मेरे पंखों को – बिंदु अग्रवाल

मत बाँधों मेरे पंखों को – बिंदु अग्रवाल   मत बाँधों मेरे पँखों को, मुझे उन्मुक्त गगन में उड़ने दो। अभी जरा बचपन है बाकी, मदमस्त पवन सी बहने दो।…

उठो जागो – मनु कुमारी

जब स्वार्थ से ऊपर उठकर जिसने राष्ट्र को जीवन माना, निज-मुक्ति से भी महान, भारत-सेवा को पहचाना। जीवन रहते जिसने, मृत्यु के रहस्य को जान लिया, करोड़ों जन-जीवन के उत्थान…

उठो युवाओं आगे आओ लक्ष्य पहचानों-नीतू रानी

उठो युवाओं आगे आओ, अपने लक्ष्य को निकट तुम पाओ। स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रुप में मनाते हैं, उनके पावन श्रीचरणों में  शत् -शत्…

| मैं शिक्षक हूँ |

स्व-रचित -कविता मैं शिक्षक हूँ मैं शिक्षक हूँ, हाँ मैं शिक्षक हूँ, राष्ट्र‌ का निर्माता हूँ, ज्ञान का दाता हूँ, हां मैं शिक्षक हूँ। मैं मिट्टी हूँ, पर सोना गढ़‌ता…