मां भारती के साधक – मनु कुमारी

माँ भारती का साधक : माखनलाल चतुर्वेदी कलम नहीं थी उनकी केवल,ज्वाला थी अंगार बनी।शब्दों में राष्ट्र धड़कता था,भारत माँ साकार बनी।। न भय लिखा, न दास्यता,न झुकी कभी उनकी…

कश्यप नंदन देव दिवाकर – राम किशोर पाठक

कश्यप नन्दन देव दिवाकर- सरसी छंद गीत तुमसे ही जग जीवन पाता, करते तुम उपकार।कश्यप नन्दन देव दिवाकर, नमन करो स्वीकार।। तिमिर घनेरा हरने वाले, दिनकर देव महान।क्षमा करें हर…

मैं संविधान हूं – आंचल शरण

“मैं संविधान हूं” मैं भारत का संविधान हूं,महज़ एक किताब नहीं,गहन करो तो अधिकार हूंमैं भारत का संविधान हूं।इसमें केवल शब्द नहींभारतीयों की तकदीर हूंमैं भारत का संविधान हूं।करता हूं…

जय बोलो भारत माता की-राम किशोर पाठक

सुरभित सत्ता को अपनाएँ, मान इसे चित अंत्र। जय बोलो भारत माता की, आया शुभ गणतंत्र।। संविधान है अपना प्यारा, बना बहुत विस्तार। नियम सभी है इसमें वर्णित, शासन का…

टीचर्स ऑफ बिहार-मधु कुमारी

एक नाम नहीं ये है हमारा सम्मान जिससे मिली पहचान जो देता एक पैगाम हमारे आत्मसम्मान के नाम……. एक ऐसा आन्दोलन जिसने काले अक्षरों को भी खूबसूरत और रंगीन बना…

वसंत- आस्था दीपाली

(हाइकू) १ कोपल मुस्काई- भीनी आम्र-मंजरी में नव-प्राण-स्पंदन। २ पीत-पुष्प खिले- नीरव आँगन के भीतर स्मृति-सरोवर जागा। ३ सरसों हँसी- शीत का अंतिम अश्रु धरा ने पोंछा। ४ मलयानिल बहा-…

राष्ट्रीय बालिका दिवस – मनु कुमारी

आज मत पूछो,क्यों आई है बेटी—आज पूछो,कैसे बची है बेटी? गर्भ की देहरी परहर बार सवालों से जूझती,मौन की चादर ओढ़ेअपने होने का प्रमाण खोजती—वही है बेटी। उसकी किलकारीघर की…