घर में आकर.. राम किशोर पाठक

घर में आकर- वासुदेव छंद गीत अपनों से जब, नैन मिले।घर में आकर, चैन मिले।। दौड़ लगाकर, थक जाते।दुनिया की सुन, झल्लाते।।आकर आँगन, रैन मिले।घर में आकर, चैन मिले।।०१।। धन…

दुविधा…राम किशोर पाठक

मनहरण घनाक्षरी दुविधा में हम पड़े,अपनी ही जिद अड़े,अधिकारी पास खड़े, होते परेशान हैं।साथी सारे कह रहे,लेन-देन कर कहे,चैन आप सब गहे, बने क्यों नादान हैं।रास मुझे आती नहीं,राज यह…

पहिले करु मतदान..मनु कुमारी

भैया ग्यारह नवंबर कय मतदान करू यौ ।पहिले करू मतदान तखन जलपान करू यौ। लोकतंत्र के ई अछि पाबनि महान।परिवार संग मिली करू मतदान ।भैया राष्ट्र सुरक्षा पर धिआन धरू…

चुनाव कराते हैं…

चलो एक बार फिर सेनई सरकार से मिलाते हैं,लोकतंत्र के इस पर्व कोउत्सव की तरह मनाते हैं,चलो… चुनाव कराते हैं! प्रकृति के दो सुंदर चक्रों में,जहाँ आदि है और अंत…

युग का प्रभाव..जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

मनहरण घनाक्षरी छंद में *******************मूर्ति को तो माता कह- आरती      उतारते  हैं,अपनी माता को कटु, बोलते वचन हैं। घर पर   कमरे  में- पेड़ पौधे लगाते हैं, कारखाने हेतु रोज, कटते…

वंदे मातरम् – गीत – राम किशोर पाठक

वंदे मातरम् – गीत भारत वासी दिल के अच्छे, चाहत सदा स्वच्छंद है। वंदे मातरम् गीत सुंदर, गाना सबको पसंद है।। वंदे मातरम्। वंदे मातरम्। बंकिम चन्द्र चटर्जी इसकी, रचना…

याद बहुत वह आती है

याद बहुत वह आती है- गीत (१६-१४) मस्ती में जो कुछ पल बीते, अब हमको तड़पाती है। बचपन बीता जिन गलियों में, याद बहुत वह आती है।। सुबह-सवेरे बगिया जाकर,…

मतदान

मतदान – गीत (१४-१२) सुबह-सुबह ही जाएँगे, करते सब तैयारी। करना है मतदान हमें, सोच रहे नर-नारी।। भोर हुई जागे सारे, काम सभी निपटाएँ। आस पास को बोल रहे, चलो…

मतदाता -नीतू रानी

विषय -मतदान। शीर्षक -सब मिलकेअ मतदान हे हे बहिना चलअ करै लय सब मिलकेअ मतदान हे, तब करिहअ जलपान हे ना। ग्यारह केअ करबै सब मतदान सबसे बरका छीयै ई…