दियौ केअ छुट्टी सरकार यौ, नै तेअ बच्चा सब बच्चापड़त बीमार यौ। आय तेअ सबसेअ बेसी येअ ठंडा धूप एखैन यहाँ बड़ येअ मंदा, ठंडा सेअ हालत येअ हमर खराब…
नव वर्ष के एलै बहार – नीतू रानी
नव वर्ष के एलै बहार बहार मेरी सखिया, नजदीक एलै पर्व त्योहार त्योहार मेरी सखिया। नव वर्ष केअ —–२। तिला संक्रांति एलै महाशिवरात्रि एलै, एलै राष्ट्रीय त्योहार त्योहार मेरी सखिया।…
आँसू और खामोशी-कुण्डलिया – राम किशोर पाठक
आँसू और खामोशी- कुण्डलिया आँसू मेरे नैन में, पत्नी देखी आज। तंज कसी जमकर तभी, कैसा रहा मिजाज।। कैसा रहा मिजाज, समझ मुझको है आई। दो दिन पीहर वास, हमारी…
चित्राधारित सृजन करता मैं रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ छंद विधाता
चित्राधारित सृजन करता मैं रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ छंद विधाता यहाॅं कुछ लोग हैं दिखते, सुवासित कर रहे जग को। कटीली झाड़ियों में से, निकाले थे कभी मग को।। अभावों…
मन वीणा की तुम झंकार बनो – मनु कुमारी
मन वीणा की तुम झंकार बनो – मनु कुमारी तुमपर तन मन दुनियां वारी, भटकी मैं प्रेम की गलियारी। सुध – बुध अपनी मैं भूल गई, मैं लोक लाज सब…
संसार- दोहे – राम किशोर पाठक
संसार- दोहे जैसी मन की भावना, वैसा ही संसार। अपने-अपने कर्म की, झेल रहे सब मार।।०१।। दुख को जो है झेलता, कहे दुखी संसार। खुशियाँ जिसको हैं मिली, वह करता…
वंशी बजाए नंदलाल – नीतू रानी
वंशी बजाए नंदलाल – नीतू रानी सब गायों के बीच में वंशी बजाए नंदलाल, एक भी नही दिख रहा वहाँ खड़ा कोई ग्वाल। मुरली बजा रहे नंदलाला देख रही सब…
रहमत नगर की शिक्षिका – नीतू रानी
रहमत नगर की शिक्षिका – नीतू रानी रहमत नगर में आई है नई पाँच शिक्षिका, बच्चों के बीच देने आई सरल, सहज वो शिक्षा। बच्चे उन शिक्षिकाओं से लेंगे अच्छी…
राष्ट्रीय पक्षी दिवस – मनहरण घनाक्षरी – राम किशोर पाठक
राष्ट्रीय पक्षी दिवस – मनहरण घनाक्षरी – राम किशोर पाठक आया यह दिन खास, करना है अहसास, जनवरी पाँच आज, समझ बनाइए। कौआ चील गिद्ध मोर, पक्षियों के भाए शोर,…
दोहे – राम किशोर पाठक
दोहे सोमेश्वर सबके सखा, सहज सुलभ संसार। संकटमोचक सम सदा, सकट सतत संहार।। भ्रमित भँवर भव-भय भुवन, भजन भाव भगवंत। सरल साधना संग सह, सहज सुलभ सब संत।। शुभद शिवाला…