Ram Kishore Pathak

दोहा – राम किशोर पाठकदोहा – राम किशोर पाठक

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 दोहा  – राम किशोर पाठक दोहे छाया पति मार्तण्ड का, स्वागत करती भोर। पक्षीगण गायन करें, नृत्य करे वन मोर।।[...]

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Ram Kishore Pathak

आकाश बाल कविता -रामकिशोर पाठकआकाश बाल कविता -रामकिशोर पाठक

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आकाश- बाल कविता अम्मा कहती हैं मुझे, छूना है आकाश। मेरे सारे कार्य पर, देती है शाबाश।। हर्षित होकर मैं[...]

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Snehlata

मैं हूं शिक्षक-डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्यामैं हूं शिक्षक-डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या

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मैं इस धरा के ज्ञान धर्म का वाहक हूँ, जननी के स्वाभिमान मर्म का नायक हूँ। मैं शिक्षक संस्कार, सत्य[...]

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मैं हूं शिक्षक डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्यामैं हूं शिक्षक डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या

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मैं हूं शिक्षक मैं इस धरा के ज्ञान धर्म का वाहक हूँ, जननी के स्वाभिमान मर्म का नायक हूँ। मैं[...]

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Ram Kishore Pathak

डालती रंग है रामकिशोर पाठकडालती रंग है रामकिशोर पाठक

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डालती रंग हैं- अरुण छंद होली गीत पीसकर, सिल सदा, शिव पिए भंग हैं। पार्वती, रूद्र को, डालती रंग हैं।।[...]

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