सुंदर मुखौटा लिए चेहरे पर, ईमानदारी का रंग चढ़ाया था। ईमान बेच कर उपदेश दे रहे, गीता का कसम खाया[...]
विदाई की बेला-सुरेश कुमार गौरवविदाई की बेला-सुरेश कुमार गौरव
काल चक्र के समय काल को, विदा करने की भी ठानी गई चंद सेकेंड,मिनट, घंटे,पहर को, सबके द्वारा मानी भी[...]
जीवन मार्ग- सुरेश कुमार गौरवजीवन मार्ग- सुरेश कुमार गौरव
जीवन की ये कटु सच्चाई है कि असफलताओं के बिना प्रगति नहीं। चढ़ते-चढ़ते गिरना फिर उठना संभलकर कदम आगे को[...]
गुरु और शिष्य”- सुरेश कुमार गौरवगुरु और शिष्य”- सुरेश कुमार गौरव
जब बालपन और बालमन था तब गुरुओं ने ही ज्ञान पिपासा से जोड़ा भविष्य के मुहाने पर ला सुपथ पर[...]
स्वास्थ्य मंत्र- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’स्वास्थ्य मंत्र- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
दूर होंगे कष्ट सारे, निरोग रहोगे प्यारे, रोज दिन कुछ देर कसरत करना। राम-राम भज कर, आलस को तज कर,[...]
प्रकृति जीवन प्रभात- सुरेश कुमार गौरवप्रकृति जीवन प्रभात- सुरेश कुमार गौरव
हुआ सबेरा जाग उठा जीवन प्रभात! धरा की दूब पर मोती स्वरुप ओस हैं पड़े मंद-मंद वयार ताजगी के फूल[...]
टीओबी बना शैक्षिक व बौद्धिक विचारों के दूत- सुरेश कुमार गौरवटीओबी बना शैक्षिक व बौद्धिक विचारों के दूत- सुरेश कुमार गौरव
अनुभव को अपनी अभिव्यक्ति पर पूरा गर्व का यह अवसर है भाषा-शब्द और भावों के मेल से कुछ कहने का[...]
जीवन एक कर्म बंधन- सुरेश कुमार गौरवजीवन एक कर्म बंधन- सुरेश कुमार गौरव
जीवन एक विश्वास रुपी है अनोखा बंधन, रक्त के तो कहीं बिना रक्त के कहलाते बंधन, हर्ष-विषाद,खट्टी-मीठी और अनोखी यादों[...]
सदा उपयोगी साईकिल- सुरेश कुमार गौरवसदा उपयोगी साईकिल- सुरेश कुमार गौरव
साईकिल की सवारी अब भी है खूब बड़ी न्यारी, चुस्त दुरुस्त रखती, प्रदूषण रहित है बड़ी प्यारी। जब पहली बार[...]
मिट्टी का खिलौना- जयकृष्णा पासवानमिट्टी का खिलौना- जयकृष्णा पासवान
मैं मिट्टी हूं मगर एक आकार का प्यासा हूँ। कोमल हाथों से एक आकृति प्रदान कर दीजिए।। मैं इस उपकार[...]
