(हाइकू) १ कोपल मुस्काई- भीनी आम्र-मंजरी में नव-प्राण-स्पंदन। २ पीत-पुष्प खिले- नीरव आँगन के भीतर स्मृति-सरोवर जागा। ३ सरसों हँसी- शीत का अंतिम अश्रु धरा ने पोंछा। ४ मलयानिल बहा-…
राष्ट्रीय बालिका दिवस – मनु कुमारी
आज मत पूछो,क्यों आई है बेटी—आज पूछो,कैसे बची है बेटी? गर्भ की देहरी परहर बार सवालों से जूझती,मौन की चादर ओढ़ेअपने होने का प्रमाण खोजती—वही है बेटी। उसकी किलकारीघर की…
गणतंत्र का जयघोष – मनु कुमारी
गणतंत्र का जयघोष छब्बीस जनवरी पुकार रही,उठो! इतिहास बुलाता है।यह दिन नहीं केवल तिथि कोई,जन-जन का स्वाभिमान जगाता है। जब टूटीं जंजीरें गुलामी की,जब भारत ने प्रण यह ठाना था—राजा…
बसंती शाम- मनु कुमारी
बसंती शाम उतर आई, सुनहरी धूप के संग,क्षितिज ने ओढ़ ली चूनर, केसरिया रंग के रंग। मंद पवन की उँगली थामे, सरसों हँसने लगी,डाल-डाल पर बैठी चिड़िया, राग नया गाने…
मां वागीश्वरी – मनु कुमारी
जयति जय माँ वागेश्वरी, सरस्वती विंध्यवसिनी lसकल जगत की माता तुम हो, हे सकल मंगलकारिनी..जयति माँ वागेश्वरी.. तुम हो पद्मासना माता शांति, सुख, वरदायिनी,जगत का कल्याण कर माँ ,तुम हो…
शिक्षा की शक्ति – मनु कुमारी
अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस विशेष ज्ञान का दीप जलाएं हम, अज्ञान के अंधेरे में,हर बच्चे के मन में खिलाए, उजाला , ज्ञान के मंदिर में।शिक्षा नहीं केवल पुस्तक, ये है जीवन…
भारत की बेटियां – आशीष अंबर
सारे संसार में नाम कमाया है ,अपनी प्रतिभा का जादू बिखराया है।देश हो या विदेश हर जगह ,भारत की बेटियां अपना लोहा मनवाया है। कल्पना चावला, नीरजा या हो पीटी…
मुझे मां तिरंगा दिलवा दो- राम किशोर पाठक
मुझे तिरंगा माँ दिलवा दो- रासा छंद बाल कविता मुझे तिरंगा माँ दिलवा दो।वैसा ही कुर्ता सिलवा दो।। भैया संग मुझे भी जाना।ध्वज मुझको भी है फहराना।। मैं भी वहाँ…
जब से आई बसंती शाम- नीतू रानी
ठंडी हवा लिए आईमेरी बसंती शाम,इससे प्रभावित हो रहादेश, विदेश और गाम। बसंत पंचमी पर्व परआई बसंती शाम,थोड़ी ठंडी बढ़ गईलोगों को हुआ जुकाम। लोगों को हुआ जुकामचिकित्सक के पास…
गणतंत्र हमारी पहचान – आशीष अंबर
कविता : – गणतंत्र हमारी पहचान है । गणतंत्र हमारी पहचान है,भारत देश हमारा महान है । गौतम , गाँधी की धरती पे ,भारत की शान , पूरी जहान है…