नारी शक्ति-लवली कुमारी

हां मैं एक औरत हूं । सृष्टि की निर्माणकर्ता  समर्पण ममता की मूरत  त्याग बलिदान, कोमलता की सीरत  प्रतिदिन घर के कामों में  खुद को व्यस्त रखना  पूजा की वंदना …

तुम कौन हो?-डॉ स्नेहलता द्विवेदी

तुम कौन हो? उसने पूछा, आखिर कौन हो तुम?, उर्वशी मेनका ,इंद्राणी, या अपाला लोपा घोषमुद्रा! यशोदा , राधा रुक्मिणी सीता, या कुंती द्रौपदी! आखिर कौन हो तुम? आग में…

बिटिया पढ़ाबअ पापाजी-नीतू रानी

घर में खिलैहअ नून रोटिया हो,  बिटिया पढ़ाबअ पापाजी। स्कूल में नाम लिखैहअ हो,  हमरा पढ़ाबिहअ पापा जी। पढ़ी- लिखी लेबै हम नौकरिया हो, नाम तोहर हेतअ पापा जी। पढ़ाए-…

विद्युत प्रयोग -राम किशोर पाठक

विद्युत का करना उपयोग। बच्चों परिजन के सहयोग।। सुविधा देता हमें अनेक। इसे न समझो पर तुम नेक।। भींगे हाथों से परहेज। वरना देता झटका तेज।। कभी-कभी यह लेता प्राण।…

उमंग की सरिता-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

बसंती बयार चली, खिल गई कली-कली, *कोयल की आ गई है, फिर तरुणाई है।* चिड़ियाँ चहक रही,  डालियाँ लचक रही,  *बागों में महक रही, खूब अमराई है।* ऋतुओं में होता…

एक युग का विराम-संजीत कुमार निगम 

आपने जो बिहार को दिया, रहेगा सदा कर्जदार बिहार दे रहे राज्यसभा के लिए बधाई आपने  पर आपका CM पद छोड़ना कैसे सहेगा बिहार, कुर्सियाँ बदल तो जाएँगी, पर उम्मीद…

बिकें किताबें तौलकर-राम किशोर पाठक

बिकें किताबें तौलकर, कूड़े वाली भाव। देख साहित्य की दशा, मन में होती घाव।। पुस्तक हैं साहित्य के, लिए ज्ञान भंडार। मोबाइल में भूलकर, खोया यह संसार।। लिखते हम साहित्य…