दिया है हक हमें लड़ने का बढ़ने का डटने का स्वप्न देखने का बोलने का समता का मर्ज़ी से पूजन[...]
माँ-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’माँ-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
सभी देवियों से बढ़कर माँ ऊंचा है तेरा दर्जा, नहीं उतार पाऊंगा कभी जीवन भर मैं तेरा कर्जा। पहली बार[...]
राष्ट्रभक्ति – अमरनाथ त्रिवेदीराष्ट्रभक्ति – अमरनाथ त्रिवेदी
राष्ट्रभावना की प्रबल ज्वाल में , नवगीत नित्य गाता हूँ । स्वप्नों में दिव्य चिनगारी है वह , जिसे रोज[...]
अकड़म बकड़म – सुधीर कुमारअकड़म बकड़म – सुधीर कुमार
अकड़म बकड़म छंद — पद्धरि मात्रा — १६ अंत – जगण बच्चे सब पूछें यह सवाल । सूरज क्यो होता[...]
घनाक्षरी”मेरी कामना” – एस.के.पूनमघनाक्षरी”मेरी कामना” – एस.के.पूनम
जाग कर प्रातःकाल,निकलूँ अकेले राह, मेरे दोनों चक्षुओं में,भरे कई रंग हैं। मृदुल झंकार सुन,नव अनुराग चुन, मन पुलकित होता,[...]
मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
बादल से जल मिले, भोजन से बल मिले, कभी कहीं तेल बिना, दीप नहीं जलता। काल पा के बड़ा होता,[...]
जीवन का मर्म – कुमकुम कुमारी”काव्याकृति”जीवन का मर्म – कुमकुम कुमारी”काव्याकृति”
भूलकर भेदभाव,दिल में हो समभाव, जीभ पर रहे सुधा,प्रेम रस पीजिए। होठों पर मुस्कान हो,गम का न निशान हो, मीठे[...]
आपदा-मधुआपदा-मधु
आपदा है हम सब पर भारी लड़ने की करें हम पूरी तैयारी। आपदा को जाने और समझे, लड़ने की हर[...]
एक संदेश-अवनीश कुमारएक संदेश-अवनीश कुमार
है इतिहास साक्ष्य बनकर कह रहा जब जब अत्याचारियों का सितम बरस रहा जब जब मनुज स्वन्त्रता का अर्थ न[...]
जागृति-अमरनाथ त्रिवेदीजागृति-अमरनाथ त्रिवेदी
पूर्व अमित आख्यान सुन , क्यों नहीं तू सँभल रहे हो ? किस द्वेष -राग मे लिप्त हो , मानवता[...]
