जान है हिन्द जुबान है हिंदी प्यारे वतन की “शान” है हिंदी , शब्द-कोश की सबसे सुन्दर “मातृभाषा” का नाम[...]
जालिम सर्दी-मीरा सिंहजालिम सर्दी-मीरा सिंह
आयी जब से जालिम सर्दी सबका जीना मुश्किल कर दी। छाया है चहुंओर कुहासा देखो सर्दी की बेदर्दी। सन सन[...]
कोई मरे कोई सैर करे-मो.मंजूर आलमकोई मरे कोई सैर करे-मो.मंजूर आलम
बाजारों में सजे हैं स्वेटर मफलर कंबल रजाई रंग बिरंग के! कुछ बच्चे ठिठुर रहे हैं पड़े हैं घरों में[...]
मित्रता की सार्थकता-सुरेश कुमार गौरवमित्रता की सार्थकता-सुरेश कुमार गौरव
जब जीवन में मिलते हैं सच्चे और अच्छे मित्र मन मस्तिष्क में उभरते हैं सार्थक जीवन चित्र! मित्र है वह[...]
बाल गीत – नीलिमा कुमारीबाल गीत – नीलिमा कुमारी
खेलोगे कूदोगे होगे खराब। पढ़ोगे लिखोगे होगे नबाब। अब यह बात पुरानी है। लिखनी नयी कहानी है। अब खेलों की[...]
बेज़ुबाँ-अदिति भूषणबेज़ुबाँ-अदिति भूषण
आज दर्द की महफ़िल में, अश्क़ों ने कुछ ऐसा समाँ बाँधा, डूबा डाला सबको अपने ही रंग में, सपनों के[...]
हालात से मजबूर- जैनेन्द्र प्रसाद रविहालात से मजबूर- जैनेन्द्र प्रसाद रवि
जीवन के कई रंग, लोग यहां लड़ें जंग, ठंड से ठिठुरे, नहीं चादर है पास में। कोई नहीं देखे अभी,[...]
अतुल्य टीका- सुरेश कुमार गौरवअतुल्य टीका- सुरेश कुमार गौरव
सदियों पूर्व की गई अपने यहां “टीकाओं” की अनूठी शुरुआत एक से बढ़कर एक हुए विद्वजन किए अद्भुत संस्कृति की[...]
ठुठरती ठंड- जयकृष्णा पासवानठुठरती ठंड- जयकृष्णा पासवान
गगन में कोहरे छाऐ हुए, बादल की छलकती है शमा। जग-सारा विरान हो गए, ठुठरती ठंड की है पनाह ।।[...]
बाल मन- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बाल मन- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
बिस्किट मिठाई केक, नौनिहालों को भाते हैं, जहाँ हों खिलौने-टॉफी, आंखें उसी ओर हैं। कोई भी मौसम रहे, खुशियों की[...]
