छागर की माॅ॑ बकरी कहती है क्या यहीं है नवरात्रि का त्योहार, जिस त्योहार में की जाती है मेरे आगे[...]
विनती हमारी-मनु कुमारीविनती हमारी-मनु कुमारी
जय -जय अम्बे,जय जगदम्बे, सुन लो अरज हमार। सकल जगत की तू हो माता , विनती सुनो हमार। तू हो[...]
मां के नवरुपों का दर्शन- विवेक कुमारमां के नवरुपों का दर्शन- विवेक कुमार
मां की महिमा है बड़ी निराली, उनके रूपों में दर्शन देती मां काली, नवरात्रा में मां के नव रूपों के[...]
बापू- नीतू रानीबापू- नीतू रानी
आज है 02 अक्टूबर का दिन आज का दिन है बड़ा महान, आज हीं जन्म लिए मेरे बापू हम सब[...]
प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद हर साल नवरात्रि, माता की चरण आवे, पूजा बिना सुना लगे महल अटरिया। धन पद सुत दारा,[...]
खुद को दीप्तिमान कर – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”खुद को दीप्तिमान कर – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”
शांति से सहन कर,अहं का दमन कर, बेकार तकरार में,वक्त न गवाइए। आलस्य को तज कर,खड़ा रह डट कर, विपरीत[...]
माता रानी- नीतू रानीमाता रानी- नीतू रानी
गज चढ़ी अहाँ एलौं हे माता रानी, जेती गज चढ़ी भगवती। माँ हँसति खल-खल दाँत झल-झल, रुप सुन्दर भगवती। गज[...]
कत्यायनी माता- नीतू रानीकत्यायनी माता- नीतू रानी
कत्यायनी माँ एली हे मैया , नौ रुप में अहाँ भगवती। माँ सिंह सवारिनी त्रिशूल धारिणी, महिषासुर केए मारती। कत्यायनी[...]
कुंडलिया- देव कांत मिश्र ‘दिव्यकुंडलिया- देव कांत मिश्र ‘दिव्य
माता की आराधना, करो सदा प्रणिपात। अंतर्मन के भाव में, भरो नहीं आघात।। भरो नहीं आघात, कर्म को सुंदर करना।[...]
प्रार्थना – सुधीर कुमारप्रार्थना – सुधीर कुमार
मात्रा – १९ २१२२ २१२२ वंदना माँ शारदे की सब करो । ध्यान माता के चरण में अब धरो ।।[...]
