कहे ऋतुराज अपनों से-एस.के.पूनम

प्रभंजन आज चंचल है, विदाई सर्द की करते। अभी तो शुष्क धीरे से, तुषारापात को हरते। वसंती वात चलने से, प्रकृति के द्वार खुल जाते। भ्रमर जब गुनगुनाते हैं, हजारों…

बाल शोषण-राम किशोर पाठक

अम्मा कहती प्यारी हूँ मैं। छवि तेरी ही धारी हूँ मैं।। फिर शाला क्यों मुझे न भेजी। रखती घर में मुझे सहेजी।। मुन्ना को मैं देखा करती। पाँवों की पीड़ा…

अपना लक्ष्य-राम किशोर पाठक

लक्ष्य सुनिश्चित रखकर हर-पल, तुम बढ़ते रहना। तय है होना सफल तुम्हारा, रख हिम्मत गहना। बस कदम बढ़ाकर चलना है, कभी नहीं रुकना। आएगी बाधाएँ पर तुम, नहीं कभी झुकना।।…

आमंत्रण पुष्प ब्यूटी कुमारी

आमंत्रण पुष्प बच्चे हैं उपवन के फूल जिससे सजाते हैं स्कूल। करें हम और आप मिलकर बच्चों का समग्र विकास । अभिभावक से सादर विनती स्कूल को दें समय कीमती…

तीसवां दिन जनवरी के रामपाल प्रसाद सिंह

गीतिका छंद तीसवाॅं दिन जनवरी को,जो हुआ अच्छा नहीं। मार गोली संत हिय को,क्या किया अच्छा कहीं?!! हिल गयी बुनियाद निष्ठा,सब लगे चित्कारने। गोडसे जो भी किये थे,सब लगे धिक्कारने।।…

सूर्य रश्मियाँ रामकिशोर पाठक

सूर्य रश्मियाँ- महाशिव छंद गीत २१२-१२१-२२१-२१२-१२ नित्य सूर्य रश्मियाँ तेज को बिखेरती। दृष्टि बोध को भरे चित्र को उकेरती।। लुप्त हो कभी कभी रूष्टता प्रमाण दे। क्रुद्ध हो गई कभी…

स्वतंत्रता की चिंगारी जैनेंद्र प्रसाद

स्वतंत्रता की चिंगारी (शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि मात्र आधी धोती पर, जीवन गुजार दिया, आधुनिक भारत के, नमन भिखारी को। चरखा से बना खादी, मोहन से बने गांँधी, लोग संत…

छा गया मधुमास- रामकिशोर पाठक

छा गया मधुमास हर दिल शायराना हो गया- गजल २१२२-२१२२-२१२२-२१२ छा गया मधुमास हर दिल शायराना हो गया। भाव नव मन में जगी तो गुनगुनाना हो गया।। श्यामली धरती सजी…

पहाड़ा नीतू रानी

विषय -पहाड़ा। शीर्षक -एक अंक से शुरू होता है पहाड़ जैसा पहाड़ा। एक अंक से शुरू होता है पहाड़ जैसा हमारा पहाड़ा, दिखने में ये लगता बच्चो लाल ,पीला,नीला और…