RAMPAL SINGH ANJAN

वट सावित्री -रामपाल प्रसाद सिंहवट सावित्री -रामपाल प्रसाद सिंह

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वट सावित्री व्रत। कर सोलह शृंगार से,प्रकट स्वर्ग निज द्वार। हे नारी!तू धन्य है,कितना पति से प्यार।। कितना पति से[...]

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Ram Kishore Pathak

कुंडलियां -रामकिशोर पाठककुंडलियां -रामकिशोर पाठक

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कविता- कुंडलिया कविता के प्रति मोह से, वनिता होती रुष्ट। वनिता को जब खुश करें, कविता कहती दुष्ट।। कविता कहती[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

ऊपर का भगवान चकित है-रामपाल प्रसाद सिंह अनजान ऊपर का भगवान चकित है-रामपाल प्रसाद सिंह अनजान 

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देव नाथ रत्ना का सपना।सच होगा यह जल्दी इतना।। किसने सोची थीं ये बातें।शीघ्र दिखेगी विस्मित रातें।। सूरज पश्चिम से[...]

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Girindra Mohan Jha

सत्यकाम चरित्र-गिरीन्द्र मोहन झासत्यकाम चरित्र-गिरीन्द्र मोहन झा

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जबाला का एक पुत्र महान, नाम पड़ा जिसका सत्यकाम, आ गया अब शिक्षा का काल, पुत्र हेतु माँ चिंतित हुई[...]

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Ram Kishore Pathak

माँ भारती पद वंदना-राम किशोर पाठक माँ भारती पद वंदना-राम किशोर पाठक 

0 Comments 4:32 pm

माँ भारती पद वंदना, कर मातु का नित ध्यान।  पाऊँ सभी सुख संग में, शुभ ज्ञान का वरदान।। कोई नहीं[...]

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Ram Kishore Pathak

हरि को लखना है -राम किशोर पाठक हरि को लखना है -राम किशोर पाठक 

0 Comments 12:10 pm

सबसे इतना ही कहना है। सबसे प्रेमिल ही रहना है।। द्वेष भला क्यों मन में धारे। सबको मिट्टी में मिलना[...]

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