Ashish Amber

माँ सुन लो पुकार – आशीष अम्बरमाँ सुन लो पुकार – आशीष अम्बर

0 Comments 9:01 pm

माँ सुन लो पुकार – आशीष अम्बर हम शरण तेरी आए, हम पर कृपा माँ कर दो, चरणों में बिठा[...]

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Dhiraj Kumar

मन का रावण कब मारोगे?- धीरज कुमारमन का रावण कब मारोगे?- धीरज कुमार

0 Comments 12:29 pm

वो रावण था, क्योंकि वसुधा को शापित कर अधिकार किया। गंधर्व, यक्ष पर क्या कहना, देवों पर अत्याचार किया। वो[...]

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Umesh kumar sinha

आइए, हनुमान जी का ध्यान धरें -उमेश कुमार सिन्हा ‘ निर्देशक ‘आइए, हनुमान जी का ध्यान धरें -उमेश कुमार सिन्हा ‘ निर्देशक ‘

0 Comments 12:22 pm

श्रीराम के अनन्य सेवक हनुमान ! आइए, हम हनुमान का ध्यान धरें, नतमस्तक होकर उनसे आशीर्वाद माँगें। बल, बुद्धि, विद्या[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

शब्द-शिल्प: वाक्य भेद-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर शब्द-शिल्प: वाक्य भेद-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 12:19 pm

पदों के सार्थक मेल से, ‘वाक्य’ जनम लेता है, भावों और विचारों को, जो पूर्ण रूप देता है। इसके भेदों[...]

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शब्द के आठ भेद -कार्तिक कुमार शब्द के आठ भेद -कार्तिक कुमार 

0 Comments 12:10 pm

आओ बच्चों! ज्ञान बढ़ाएँ, कविता गाकर भेद बताएँ। संज्ञा नाम बताती है, राम-श्याम की पहचान कराती है। सर्वनाम संज्ञा की[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

सामर्थ्य-धर्मेंद्र कुमार ठाकुरसामर्थ्य-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 12:05 pm

शारीरिक ढांचा नारी का, पर भीतर तेज पुरानी है, विजयादशमी का पर्व कहे, वह साक्षात भवानी है। दिखते नहीं हैं[...]

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Nitu Rani

क्या यही है नवरात्रि का त्योहार – नीतू रानीक्या यही है नवरात्रि का त्योहार – नीतू रानी

0 Comments 11:35 pm

क्या यही है नवरात्रि का त्योहार – नीतू रानी क्या यही है नवरात्रि का त्योहार जिस त्योहार में माँ दुर्गे[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

स्वयं की खोज – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरस्वयं की खोज – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 11:30 pm

स्वयं की खोज – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर जो मैं कभी था ही नहीं… कभी क्षमा नहीं करूँगा मैं उन चेहरों[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

 वाक्य भेद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर वाक्य भेद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 11:27 pm

वाक्य भेद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर पदों के सार्थक मेल से, ‘वाक्य’ जनम लेता है, भावों और विचारों को, जो[...]

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