माँ सुन लो पुकार – आशीष अम्बर हम शरण तेरी आए, हम पर कृपा माँ कर दो, चरणों में बिठा[...]
मन का रावण कब मारोगे?- धीरज कुमारमन का रावण कब मारोगे?- धीरज कुमार
वो रावण था, क्योंकि वसुधा को शापित कर अधिकार किया। गंधर्व, यक्ष पर क्या कहना, देवों पर अत्याचार किया। वो[...]
आइए, हनुमान जी का ध्यान धरें -उमेश कुमार सिन्हा ‘ निर्देशक ‘आइए, हनुमान जी का ध्यान धरें -उमेश कुमार सिन्हा ‘ निर्देशक ‘
श्रीराम के अनन्य सेवक हनुमान ! आइए, हम हनुमान का ध्यान धरें, नतमस्तक होकर उनसे आशीर्वाद माँगें। बल, बुद्धि, विद्या[...]
शब्द-शिल्प: वाक्य भेद-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर शब्द-शिल्प: वाक्य भेद-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
पदों के सार्थक मेल से, ‘वाक्य’ जनम लेता है, भावों और विचारों को, जो पूर्ण रूप देता है। इसके भेदों[...]
शब्द के आठ भेद -कार्तिक कुमार शब्द के आठ भेद -कार्तिक कुमार
आओ बच्चों! ज्ञान बढ़ाएँ, कविता गाकर भेद बताएँ। संज्ञा नाम बताती है, राम-श्याम की पहचान कराती है। सर्वनाम संज्ञा की[...]
सामर्थ्य-धर्मेंद्र कुमार ठाकुरसामर्थ्य-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
शारीरिक ढांचा नारी का, पर भीतर तेज पुरानी है, विजयादशमी का पर्व कहे, वह साक्षात भवानी है। दिखते नहीं हैं[...]
क्या यही है नवरात्रि का त्योहार – नीतू रानीक्या यही है नवरात्रि का त्योहार – नीतू रानी
क्या यही है नवरात्रि का त्योहार – नीतू रानी क्या यही है नवरात्रि का त्योहार जिस त्योहार में माँ दुर्गे[...]
स्वयं की खोज – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरस्वयं की खोज – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
स्वयं की खोज – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर जो मैं कभी था ही नहीं… कभी क्षमा नहीं करूँगा मैं उन चेहरों[...]
वाक्य भेद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर वाक्य भेद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
वाक्य भेद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर पदों के सार्थक मेल से, ‘वाक्य’ जनम लेता है, भावों और विचारों को, जो[...]
राम के चरणों में केवट का प्यार – उमेश कुमार सिन्हाराम के चरणों में केवट का प्यार – उमेश कुमार सिन्हा
राम के चरणों में केवट का प्यार – उमेश कुमार सिन्हा गंगा तट पर राम खड़े थे, वन जाने की[...]
