मुहब्बत है – गजल १२२२-१२२२-१२२२-१२२२ हमें तो हिंद से यारो अधिक इतनी मुहब्बत है। लुटाकर जान भी अपनी इसे करना हिफाजत है।। करे हर-पल वफा जिससे हमारा वह वतन भारत।…
छायावाद के शिखर कवि
छायावाद के शिखर कवि जयशंकर प्रसाद जयंती विशेष कविता भावों की सरिता बनकर, शब्दों में प्राण बसाए। छायावाद के शिखर कवि, प्रसाद हुए कहलाए। आँसू, कामायनी, झरना, काव्य-जगत की अमर…
सत्य का पथ-मनु कुमारी
नमन है आज उस आत्मा को, जो सत्य बनी, अहिंसा बोली। जो दंड नहीं, संवाद सिखाए, जिसने शक्ति को करूणा माना। न हथियार उठाया उसने, पर साम्राज्य डगमगा गए। एक…
बापू तेरे देश में – मनु कुमारी
बापू तेरे देश में, सत्य सवालों में खड़ा है, लाठी अब हाथों में नहीं, पर डर हर दिल में जड़ा है। बापू तेरे देश में, चरखा कोने में रोता है,…
दोहे – राम किशोर पाठक
दोहे श्री निवास घर में करें, जब तक मिलता मान।अहंकार के जागते, कर जाती प्रस्थान।। श्री पाकर सेवा करें, करिए कुछ उपकार।यही सीख श्री दे रही, करें जगत स्वीकार।। श्री…
। गणतंत्र दिवस कविता – मुन्नी कुमारी।
। गणतंत्र दिवस। छब्बीस जनवरी का दिन है सुहाना, गणतंत्र हुआ है देश अपना । संविधान का मान बनाए रखना, अधिकार अपना जताए रखना। यह केवल पर्व नहीं, इतिहास की…
लाला लाजपत राय – मनु कुमारी
लाला लाजपत राय (जयंती विशेष) पंजाब की धरती पर जन्म लिया,देशप्रेम का दीप जला।28 जनवरी का शुभ दिन,भारत माँ को यह वीर मिला। लाला लाजपत राय थे नाम,साहस जिनका था…
सेना हमारी शान- भवानंद सिंह
धनाक्षरी छंद सेना हमारे देश की,आन,बान व शान है,सेवा समर्पण ही इनकी पहचान है। देश रहे सुरक्षित,अखंड और अटूट,इनमें ही इनका अपना स्वाभिमान है। गर्व होता इनपर,देश और समाज को,हमें…
बोलता समय – राम किशोर पाठक
बोलता समय- दोहा छंद गीत शोर शराबा तो सदा, खौलाता है रक्त।अधर जहाँ पर मौन हो, वहाँ बोलता वक्त।। अगर प्रकट करते नहीं, मन के अपने भाव।ध्यान रखें इतना मगर,…
मौसम – राम किशोर पाठक
मौसम – रास छंद गीत२२२२,२२२२,२११२ मौसम भाए, ऋतुपति आए, प्रीत गहे।खुशी मनाते, सब इठलाते, झूम रहे।। कुसुम खिले हैं, गंध मिले हैं, होश हरे।मीत बुलाए, प्रीत जगाए, जोश भरे।।संग गंध…