लड़ी रह गई- गजल २१२-२१२-२१२-२१२ आँख ज्यों ही लड़ी फिर लड़ी रह गई। मैं उसे वह मुझे देखती रह गई।।[...]
परोपकार – गिरींद्र मोहन झापरोपकार – गिरींद्र मोहन झा
परोपकार आत्मप्रगति के संग जिनका हो परोपकारी जीवन, उन्हीं का जीवन धन्य है, है धन्य उन्हीं का मरण, अपनी जीवन-यात्रा[...]
क्या छूट रहा है प्रकृति प्रेम – अवधेश कुमारक्या छूट रहा है प्रकृति प्रेम – अवधेश कुमार
क्या छूट रहा है प्रकृति प्रेम ? वो पीपल की ठंडी छाँव, अब बस यादों में बसती है, विकास के[...]
एक दिन बिना बिजली – विकास कुमार सावएक दिन बिना बिजली – विकास कुमार साव
एक दिवस जब बिजली रूठी, सुख-सुविधा की डोरी टूटी। ठिठक गया है सब जन-जीवन, थमा हुआ सा लगता आँगन।। मौन[...]
साथ रहते गए-राम किशोर पाठक साथ रहते गए-राम किशोर पाठक
तंज कसते गए। अश्क बहते गए।। मान मैंने लिया। और सहते गए।। दर्द पीकर सभी। मस्त हँसते गए।। रंज कोई[...]
प्यारी धरती-आशीष अम्बरप्यारी धरती-आशीष अम्बर
जीवन जहाँ पर संभव होता, धरती है वह सुन्दर उपवन । करें सुरक्षा इस धरती की, मिलकर हर प्राणी और[...]
धरती माँ का ये आँगन प्यारा – बबीता कुमारीधरती माँ का ये आँगन प्यारा – बबीता कुमारी
धरती माँ का ये आँगन प्यारा, हरियाली से सजा है सारा। पेड़, पौधे, नदियाँ, पर्वत, इनसे ही जीवन है समृद्ध।[...]
मिट्टी से भी यारी रख – सत्य नारायण सिंहमिट्टी से भी यारी रख – सत्य नारायण सिंह
मिट्टी से भी यारी रख, दिल से दिलदारी रख। चोट न पहुंचे बातों से, इतनी समझदारी रख। पहचान हो तेरी[...]
एक दिन बिना बिजली-विकास कुमार सावएक दिन बिना बिजली-विकास कुमार साव
एक दिवस जब बिजली रूठी, सुख-सुविधा की डोरी टूटी। ठिठक गया है सब जन-जीवन, थमा हुआ सा लगता आँगन।। मौन[...]
प्रकृति प्रहरी- सत्य नारायण सिंहप्रकृति प्रहरी- सत्य नारायण सिंह
मिट्टी से भी यारी रख, दिल से दिलदारी रख चोट न पहुंचे बातों से, इतनी समझदारी रख पहचान हो तेरी[...]
