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प्रकृति की पूजा ही सच्ची आराधना है – रिंजू कुमारी
कर्म ही सबसे बड़ी पूजा, यही जीवन की साधना है।
फूल-पत्तों में ईश्वर हैं, कण-कण में उनका वास,
प्रकृति को सहेजना ही है, सच्ची भक्ति का एहसास।
कर्म से सुंदर कोई पूजा नहीं, प्रकृति से बड़ा कोई देव नहीं।
रिंजू कुमारी
प्राथमिक विद्यालय पासवान टोला कीर्किचिया
फॉर्बेसगंज अररिया
बिहार

