रहमत नगर की शिक्षिका – नीतू रानी
रहमत नगर में आई है
नई पाँच शिक्षिका,
बच्चों के बीच देने आई
सरल, सहज वो शिक्षा।
बच्चे उन शिक्षिकाओं से
लेंगे अच्छी शिक्षा ,
बच्चे पढ़ेंगे तब समझेंगे
पढ़-लिख कर फिर देंगे परीक्षा।
पहले से थी स्कूल में
बस चार हीं शिक्षिका,
अब सब मिलाकर हो गए
पूरे नौ अध्यापिका।
इन्हीं चारों से चलती थी पहले
ये रहमत नगर विद्यालय,
बच्चे थे अनुशासन में
पढ़ने जाते थे पुस्तकालय।
बच्चे आते रोज पढ़ने
तीन सौ की संख्या में,
बच्चे बस गये हैं अब
सभी शिक्षकों के अंखियाँ में।
बचे स्कूल में बस एक हेड सर हमारे
जो रहमत नगर स्कूल का करते हैं काम सारे,
इनके बिना सब कार्य अधूरे
यही करते हैं सब कार्य पूरे।
अंत में है चार दीदी रसोईया
जिसमें एक लगती मेरी भौजैया,
स्कूल की साफ-सफाई उन्हीं के ऊपर
चारों का है रहमत नगर ससुररिया।
नीतू रानी, विशिष्ट शिक्षिका,
स्वरचित कविता।
स्कूल -म०वि० रहमत नगर सदर मुख्यालय पूर्णियाँ बिहार।
