राष्ट्रीय पक्षी दिवस – मनहरण घनाक्षरी – राम किशोर पाठक
आया यह दिन खास,
करना है अहसास,
जनवरी पाँच आज, समझ बनाइए।
कौआ चील गिद्ध मोर,
पक्षियों के भाए शोर,
नीलकंठ कोयल से, हर्ष अति पाइए।
पक्षी होते सहयोगी,
समझिए उपयोगी,
देखभाल करने को, दाना-पानी लाइए।
पक्षियों के हित नित,
करिए प्रकृति कृत,
होकर हर्षित आज, दिवस मनाइए।
रचयिता:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला, बिहटा, पटना, बिहार।
संपर्क – 9835232978
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