पद्यपंकज Bhakti,Prarthana सरस्वती वंदना-मनोज कुमार मिश्र

सरस्वती वंदना-मनोज कुमार मिश्र


Manoj kumar mishra

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Manoj kumar mishra

सरस्वती वंदना

जय शारदे, जय शारदे,

जय शारदे, जय शारदे,
दे ज्ञान का वरदान,

औऱ अज्ञानता से तार दे।।
जय शारदे……।।
हम मुढ़ है, अज्ञानी है,

अज्ञानता की खान है,
पर जो भी हैं, जैसे भी हैं,

हम सब तेरी संतान हैं,
रूठो न माँ, वो ज्ञान दो,

ज्ञानी बने संसार में,
जय शारदे……।।
माँ भूल न हो भुलकर,

शंका मेरी निर्मूल कर,
दे ज्ञान पर, अभिमान हर,

वाणी मेरी मृदुल कर,
जग में हमारा मान हो,

ऐसा हमें व्यवहार दे,
जय शारदे……।।

मनोज कुमार मिश्र
+2 सत्येंद्र उच्च विद्यालय गंगहर
अम्बा औरंगाबाद बिहार

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