हम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर हम है कर्जदार हाँ, हम कर्जदार हैं… गुनाहगार नहीं, बस जिम्मेदारियों के बीमार[...]
Author: Anjum Ara
नए–नए वृक्ष लगाना है – धीरज कुमारनए–नए वृक्ष लगाना है – धीरज कुमार
नए –नए वृक्ष लगाना है – धीरज कुमार मानव जीवन हमने पाया, बुद्धि का मिला खज़ाना है, तो वसुधा को[...]
कुष्माण्डेति चतुर्थकम् “_अरविंद मिश्र “नीरज “कुष्माण्डेति चतुर्थकम् “_अरविंद मिश्र “नीरज “
“कुष्माण्डेति चतुर्थकम् ” रविसम दीप्त देह केर आभा, दुर्गा अष्ट भुजा बाली। इषित हाससँ सृजित केलहुँ ब्रह्मांड सकल पुनि प्रतिपाली।[...]
मरती संवेदनाएं _ रानी कुमारीमरती संवेदनाएं _ रानी कुमारी
शीर्षक – मरती संवेदनाएं आज इस समाज के भागमभाग में कैसी अजब दीवार बैठी है? संवेदनाएं मर गई कुरीति और[...]
चाँद की यात्रा _ धर्मेंद्र कुमार ठाकुरचाँद की यात्रा _ धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
चाँद की यात्रा अंधकार की चादर ओढ़े, सोया था वह शून्य में, कोई निशा न साथ थी, खोया था वह[...]
स्वस्थ होने का पैमाना क्या है? _ धर्मेंद्र कुमार ठाकुरस्वस्थ होने का पैमाना क्या है? _ धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
स्वस्थ होने का पैमाना क्या है? यहाँ हर व्यक्ति बीमार है, दिखती हर सूरत बेज़ार है। भीड़ तो है इंसानों[...]
भूख की हुंकार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरभूख की हुंकार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
भूख की हुंकार भूख उदर में जब आती है, रणचंडी-सा रूप दिखाती है, धमनियों में लहू उबलता है, नस-नस में[...]
कर्त्तव्य बोध – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरकर्त्तव्य बोध – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
कर्त्तव्य बोध अधिकार जताने से पहले कर्त्तव्य हमें समझाना होगा, अमृत रस पाने से पहले विष का प्याला पीना होगा।[...]
शब्द-बाण और ब्रह्मांड का कम्पन- धर्मेंद्र कुमार ठाकुरशब्द-बाण और ब्रह्मांड का कम्पन- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
शब्द-बाण और ब्रह्मांड का कम्पन वाणी वह अनमोल रतन है, जो चाहे तो सृष्टि संवार दे, पर ज़रा सी चूक[...]
निपुण बिहार — एक संकल्प-अक्षय श्रीवास्तवनिपुण बिहार — एक संकल्प-अक्षय श्रीवास्तव
निपुण बिहार — एक संकल्प चलो आज फिर एक दीप जलाएँ, हर बच्चे को आगे बढ़ाएँ। जिसके हाथ में कलम[...]
