पद्यपंकज Shakshanik सतरंगी प्रकृति-लवली वर्मा

सतरंगी प्रकृति-लवली वर्मा


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सतरंगी प्रकृति

रंगों से भरी है प्रकृति,
मनभावन सुंदर अति।
नीले नभ में उड़ते खग,
कर देते हैं हमें स्तब्ध।
पेड़ों की पत्तियां हरी,
टहनियों संग जोड़े कड़ी।
रंग-बिरंगे खिलते पुष्प,
देख जिसे मन होता खुश।
पशु-पक्षी के रंग अनेक,
रंग ही होता उनका वेश।
कीट-पतंगों का रंग अनोखा,
गिरगिट देते हमें है धोखा।
काले-काले बादल छाए,
मयूर वन में नाचे गाएं।
इंद्रधनुष की सतरंगी गलियां,
रंगों भरी हमारी दुनियां।
प्रकृति की छटा अनुपम,
रंगों का संयोग मनोरम।
प्रकृति के इस रंग में,
रहें मिलकर संग में।

लवली वर्मा
प्राथमिक विद्यालय छोटकी रटनी हसनगंज, कटिहार

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