सावित्री बाई फुले – सुमन सौरभ
सावित्रीबाई फुले, एक नाम है गर्व का,
सावित्रीबाई फुले, एक नाम है फक्र का,
महिला शिक्षा की, एक बेमिसाल पहचान का।
लाया बदलाव, लाई नई आशा,
बदला पितृसत्ता का व्याकरण,
सृजित की नई भाषा।
सावित्रीबाई फुले, एक नाम है सम्मान का।
लड़ाई लड़ी, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ,
न कोई मुखौटा, न कोई लिहाफ,
न कोई छद्म, नीयत रही बिलकुल साफ,
सावित्रीबाई फुले, एक नाम है निष्क्लुष अभिमान का।
महिला शिक्षा के लिए, उठाई आवाज,
महिला समानता का किया आगाज़
देखने को दिए सपने, उड़ने को नए परवाज़
सावित्रीबाई फुले, एक नाम है साहसिक बलिदान का।
जिनको समझा जाता खर पतवार
उनके लिए खोले स्कूल के द्वार
शोषितों, वंचितों, शूद्र जातियों की थी वो खेवनहार
सावित्रीबाई फुले, एक नाम है नए विधान का।
नव-चेतना की पहली किरण को जिसने भारत में लाया सत्य, ज्ञान, करुणा, ममता का पाठ पढ़ाया
सावित्री नाम था उसका, मन में जिसने हमारे
बराबरी का अलख जगाया
सावित्रीबाई फुले, एक नाम है नई उड़ान का।
पुणे की पावन धरती पर,
तुमने शांति-दीप जलाया,
भेदभाव की दीवार गिराकर,
शिक्षा का आँगन सजाया।
सावित्रीबाई फुले, एक नाम है तार्किक ज्ञान का।
अंधविश्वास की राह को ज्ञान से मोड़ा,
स्त्री-शिक्षा के जरिए, एक नया ही रिश्ता जोड़ा।
लोभ-लाभा का मोह पूरा का पूरा छोड़ा
सावित्रीबाई फुले, एक नाम है विद्यादान का।
पति ज्योतिबा के संग मिलकर,
खोला तुमने पहला स्कूल,
विरोध सहे, पत्थर खाए, पर,
नहीं माना कष्टों को शूल।
सावित्रीबाई फुले, एक नाम है फौलादी ईमान का।
गली-गली में अलख जगाई,
घर-घर जाकर हाथ पसारे,
बालिकाओं को प्रेरित करती,
दिए ज्ञान के उजले नारे।
सावित्रीबाई फुले, एक नाम है बेहतरीन इंसान का।
प्लेग महामारी फैली जब,
तब सेवा-भाव दिखाया,
मृत्यु के मुख से मनुजों को,
तुमने जीवन-दान दिलाया।
सावित्रीबाई फुले, एक नाम है नेक आह्वान का।
ओजस्वी थीं, लेखिका भी थीं,
लिखा उन्होंने काव्य महान,
फूंक दिया नव-चेतना का स्वर,
दिया नारियों को सम्मान।
सावित्रीबाई फुले, एक नाम है सच्चे अभियान का।
हे करोड़ों के पथ की प्रकाशिका,
तुम्हारा त्याग और तपस्या,
आज भी स्मरण करती है हर एक बालिका,
सावित्रीबाई फुले, एक नाम है अद्वितीय उत्थान का।
हे वीरांगना! शत-शत नमन,
तेरा जीवन है महान
तेरी राह पर ही चलकर होगा,
देश का उज्जवल वर्तमान।
सावित्रीबाई फुले, एक नाम है अलग ही दृढ़ प्राण का।
सावित्रीबाई फुले, एक नाम है गर्व का,
सावित्रीबाई फुले, एक नाम है फक्र का,
महिला शिक्षा की, एक बेमिसाल पहचान का।
– सुमन सौरभ (शिक्षिका)
– जगतारिणी उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खम्हार, विभूतिपुर, समस्तीपुर, बिहार
