आज आएंगे अवधपुरी राम, चलो हम दर्शन करें, अलौकिक सजी है अयोध्या धाम, चलो हम दर्शन करें।। ले हाथों में[...]
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प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
सनातन पर नाज रूप घनाक्षरी छंद “”””””””””””””””””” पाँच सौ वर्षों के बाद वनवास काटकर, राम रघुवर मेरे अवध में आए[...]
रघुवर सरकार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’रघुवर सरकार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
जग के पालनहार रघुवर सरकार, हमारे आराध्य देव राम भगवान हैं। दीनों पे अकारण हीं करूणा हैं बरसाते, उनके सेवक[...]
राम रमैया – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’राम रमैया – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
आज घर-घर में बाजे बधैया हो, अइलन राम रमैया। राजा लूटावैं अन्न-धन सोनमा, रानी लुटावैं रूपैया हो,अइलन राम रमैया।। देख[...]
राजा राम – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’राजा राम – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
सजी है अवधपुरी नवेली दुल्हन जैसी, सिंहासन बिराजेंगे, सबके दुलारे राम। संत-भक्त-साधकों का सपना साकार हुआ, बैठे थे वे सदियों[...]
जीवन का आधार – जैनेन्द्र प्रसाद रविजीवन का आधार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
धर्म बिना नर ऐसे जैसे अश्व रास बिना, लोगों के जीवन का धर्म ही आधार है। जीवन सफर में जो[...]
प्रेम भरी वाणी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्रेम भरी वाणी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
ठोस परिणाम हेतु काम आता अनुभव, बीमारों को पथ्य वास्ते, चावल पुरानी हो। जीवन में सोच कर कदम बढ़ाएं सदा,[...]
ठंड का प्रकोप- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’ठंड का प्रकोप- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
पशु पक्षी सरीसर्प बैठे हैं दुबक कर, आज आधा भारत है शीत की आगोश में। कड़ाके की ठंडक से हाथ[...]
प्रेम उपहार-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्रेम उपहार-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद सबकी बनाए भाल चौबीस का नया साल, साथियों के लिए लाए, खुशियां अपार है। आप सभी छोटे[...]
झूठी शान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’झूठी शान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
जब कोई बेसहारा पाता हो सहारा नहीं, दिखावे को महलों में रखते हैं बाँध स्वान। सोने हेतु काफी होता दो[...]
