Tag: धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

Dharmendra Kumar Thakur

लालच की अंतहीन गर्त -धर्मेंद्र कुमार ठाकुरलालच की अंतहीन गर्त -धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 11:30 am

लालच की अंतहीन गर्त यह सूक्ष्म सुई के छेद जैसी, दिखती छोटी इक थैली है, पर इसके भीतर छिपी हुई,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Dharmendra Kumar Thakur

दुनियां रंग-बिरंगी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरदुनियां रंग-बिरंगी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

1 Comment 8:45 pm

दुनियां रंग-बिरंगी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर अजब तमाशा, गजब ये मेला, दुनियां रंग-बिरंगी है, कहीं मखमली चादर ओढ़े, कहीं भयानक[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Dharmendra Kumar Thakur

बच्चों की शरारत – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरबच्चों की शरारत – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 7:39 pm

सुबह सवेरे बजती घंटी, खुल जाते विद्यालय के द्वार, मानो टूट पड़ा हो धरती पर, नन्हें वीरों का संसार। लाखों[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें