Tag: धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

Dharmendra Kumar Thakur

स्वावलंबी :- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर स्वावलंबी :- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 10:12 pm

स्वावलंबी :- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर    जब भी था कठिनता का घेरा, मैंने हर गिरते को उठाया। उनके दर्दों को[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

चेहरों का मेला(भ्रम):-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर चेहरों का मेला(भ्रम):-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 9:18 pm

चेहरों का मेला(भ्रम):-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर  घृणा नहीं है किसी से, न कोई शिकायत है, बस इस स्वार्थी संसार की एक[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

रस-वृक्ष (काव्य रूप) :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुररस-वृक्ष (काव्य रूप) :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

0 Comments 9:06 pm

रस-वृक्ष (काव्य रूप) :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर हृदय-भूमि पर उगा हुआ है, एक अनूठा रस का वृक्ष, काव्य-जगत का गौरव[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

छंद-शास्त्र का सार:- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर छंद-शास्त्र का सार:- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 8:56 pm

छंद-शास्त्र का सार:- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर  यहाँ मेरे द्वारा दी गई छंद शास्त्र की जानकारी को सरल, लयबद्ध और गेय[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

मौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरमौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:48 pm

मौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर चलो अब जाने भी दो क्या करोगे कथा सुनकर, ये चोट जो गहरी[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

पथ अपना अपना – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरपथ अपना अपना – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:06 pm

पथ अपना अपना – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर जीवन के इस महासमर में, कोटि-कोटि राही चलते हैं, सबके अपने-अपने पथ हैं,[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

वर्णमाला बोध काव्य – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरवर्णमाला बोध काव्य – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

0 Comments 9:13 pm

वर्णमाला-बोध काव्य- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर कमल ‘क’ से विकसित हो मन में, पढ़ो निरंतर पल-पल तुम, खिसके जब खरगोश ‘ख’[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

भिक्षुक – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरभिक्षुक – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

0 Comments 7:20 pm

भिक्षुक – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर कहते हैं लोग यहाँ अब न कोई दरिद्र रहा, सबकी तिजोरी भर गई, कोई न[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

छुटकारा पाना है-धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरछुटकारा पाना है-धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

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छुटकारा पाना है आओ आज़ादी का पर्व मनाएं घर घर जाकर उत्साह बढ़ाएं कोरोना का टीका लगवाएं आओ आज़ादी का[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

बदलाव-धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरबदलाव-धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:22 am

बदलाव हुआ यूँ, समय बदल गया, बचपन बदला, युवा पीढ़ी बदल गया। रहन-सहन बदला, खान-पान बदल गया। रंग बदला, ढंग[...]

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