शशि नभ मंडल, आए कैसे? नित छवि नूतन, पाए कैसे? हरपल शीतल, दे अंजोरा। तन रखता निज, गोरा-गोरा।। हम सबका[...]
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सच्चे मार्गदर्शन की रोशनीसच्चे मार्गदर्शन की रोशनी
जब थककर बैठ गए थे हम, और लगा — अब आगे क्या? तब किसी ने धीरे से आकर कहा —[...]
सुर्योदय-नीभा सिंहसुर्योदय-नीभा सिंह
सूर्योदय आज कल सुबह उठते ही कोई भागम भाग का तनाव नहीं, फूलों संग, घर संग, सभी स्थानों में एक[...]
