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उपवास- अर्चना कुमारी
आओ मिलकर हम लें संकल्प
ढूँढे उपवास का नया विकल्प
अन्न उपवास तो बहुतेरे हैं करते
हटाएँ कुविचार हम करें संकल्प
हो अगर तन-मन का उपवास
आती सिद्धि साधक के पास
करें क्रोध,अहंकार,लोभ त्याग
ना करें किसी का भी उपहास
करें आत्मशुद्धि आत्म- चिंतन
सदगुणों का हम करें जागरण
चीर अंतस के तमस व्योम को
चतुर्दिक फैलाएँ ज्ञान – किरण
करते हम माँ अम्बे की भक्ति
उपवास से मिलती आत्मशक्ति
हर दुर्गुण को यह दूर भगाकर
प्रेम ,दयाभाव की बढ़ाए प्रवृत्ति
उपवास करे नव-ऊर्जा संचार
दूर करे यह अंतर्मन के विकार
संबंधों को यह देता नवजीवन
तज राग- द्वेष व क्लेश विकार
आओ मन में सब लें यह ठान
हो ना किसी का भी अपमान
हर बहन – बेटियाँ रहें सुरक्षित
सुन्दर सा बने अपना ये जहान
उपवास का होगा तभी अर्थ
जब नारी हो हर कार्य- समर्थ
समदृष्टि – समभाव रखें हम
आए ना कुत्सित विचार व्यर्थ
अर्चना कुमारी

