वामन अवतार- राम किशोर पाठक

Ram Kishore Pathak

नारायण निज अंश से, ले वामन अवतार।

हरने भूतल भार को, प्रकट हुए संसार।।

गंगा तट बक्सर शुभद, सिद्धाश्रम स्थान।

अदिति गर्भ उत्पन्न हो, लिए नया पहचान।।

कश्यप ऋषि के पुत्र बन, ब्राह्मण रूप कुमार।

नारायण निज अंश से, ले वामन अवतार।।०१।।

भक्त पौत्र प्रह्लाद बलि, राजा बने त्रिलोक।

सुरपुर फिर से इन्द्र को, मिल जाए बेरोक।।

धड़कर पंचम रूप हरि, आए बलि के द्वार।

नारायण निज अंश से, ले वामन अवतार।।०२।।

भूमि तीन पग दान लें, धरा स्वर्ग ली नाप।

शीश दिया बलि तीसरा, मान रखो प्रभु आप।।

ऐसे वामन देव की, महिमा अगम अपार।

नारायण निज अंश से, ले वामन अवतार।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक

प्रधान शिक्षक

प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला, बिहटा, पटना, बिहार।

संपर्क- 9835232978

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