आपका ब्राउज़र Text-to-Speech सपोर्ट नहीं करता।
हुआ सत्य आंखों का सपना
राम लला आए घर अपना।
स्वागत में संसार लगा है
गली गली हर द्वार सजा है।
पलक बिछाएं लोग सभी ये
जोड़े दोनों हाथ खड़े हैं।
दर्शन को हैं आकुल नैना
हुलस- हुलस मन बांट निहारे।
धन्य हुई अयोध्या नगरी
राम लला के आहट पाकर।
सखियां गातीं मंगलगायन
दिन आया है सुखद सुहावन।
राममय इस वातावरण में
सबके मुंह पर राम भजन है।
धन्य धन्य हैं भाग्य हमारे
दिव्य झलक पाएं हम सारे।।
मीरा सिंह “मीरा”
+२, महारानी उषारानी बालिका उच्च विद्यालय डुमराँव, जिला-बक्सर

