Day: October 21, 2025

मां की लाल साड़ी – अवधेश कुमारमां की लाल साड़ी – अवधेश कुमार

0 Comments 9:21 pm

माँ की लाल साड़ीअलमारी के कोने में अब भी टंगी है वो लाल साड़ी,जिसमें बसती है माँ की मुस्कान —[...]

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ढूंढता हूं अवनीश कुमारढूंढता हूं अवनीश कुमार

0 Comments 8:58 pm

“ढूंढ़ता हूं” मैं माँ की सुनी माँग में उस दमकती सुंदर आभा — ‘सिंदूर’ की वह पावन आभा ढूंढ़ता हूं,[...]

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ज्योति-पर्व दीपावली- गीतज्योति-पर्व दीपावली- गीत

0 Comments 8:24 pm

ज्योति-पर्व दीपावली- गीत हर्षित आज सभी नर-नारी, सुंदर सुखद तराना है। अगणित दीप जलाकर भू का, सारा तिमिर मिटाना है।।[...]

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Jainendra

कचरे की ढेर जैनेंद्र प्रसादकचरे की ढेर जैनेंद्र प्रसाद

0 Comments 7:00 pm

कचरे की ढेर समसामयिक रचना सबको दे खुशहाली, चली गई ये दिवाली, बाजारों में जमा हुई, कचरे की ढेर है।[...]

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भुला नहीं हूं -बैकुंठ बिहारीभुला नहीं हूं -बैकुंठ बिहारी

0 Comments 6:56 pm

भूला नहीं हूं बाल्यावस्था की शरारत भूला नहीं हूं, माता-पिता की आंखों में प्रसन्नता के अश्रु भूला नहीं हूं, किशोरावस्था[...]

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Ram Kishor Pathak

गोवर्धन- राम किशोर पाठकगोवर्धन- राम किशोर पाठक

0 Comments 6:52 pm

गोवर्धन- पादाकुलक छंद आधारित गीत व्रज वनिता के वासी प्यारे। मोहन नख पर पर्वत धारे।। सुरपति जमकर जल बरसाए। व्रजवासी[...]

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दिवाली है आईं – मनु कुमारीदिवाली है आईं – मनु कुमारी

0 Comments 6:49 pm

दिवाली है आई दीप जलाओ दीप जलाओ दिवाली है आई घर आंगन में चहुंओर अब,खुशियाली है छाई। मैं तो लूंगी[...]

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