Day: November 21, 2025

Ram Kishore Pathak

भरकर आस है -रामकिशोर पाठकभरकर आस है -रामकिशोर पाठक

0 Comments 5:20 pm

भरकर आस है – मनहरण घनाक्षरी लाल मुख प्राची किए, मोह रही जैसे प्रिय, भाव को जगाती हिय, भरकर आस[...]

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Ram Kishore Pathak

मन उड़ान जब भरे हृदय से -रामकिशोर पाठकमन उड़ान जब भरे हृदय से -रामकिशोर पाठक

0 Comments 5:17 pm

मन उड़ान जब भरे हृदय से – गीत (१६-१४) तन सुवास भी उड़े गगन में, मन में सुंदर आस जगे।[...]

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Ram Kishore Pathak

आप ही खास हैं -रामकिशोर पाठकआप ही खास हैं -रामकिशोर पाठक

0 Comments 5:14 pm

आप ही, खास हैं- अरूण छंद गीत २१२-२१२-२१२-२१२ हो सके, तो कभी, पास में आइए। आप ही, खास हैं, मान[...]

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Ram Kishore Pathak

पुकारिए उसे सदा रामकिशोर पाठकपुकारिए उसे सदा रामकिशोर पाठक

0 Comments 5:12 pm

पुकारिए उसे सदा – पंचचामर/नराच/नागराज छंद गीत १२१-२१२-१२१-२१२-१२१-२ लखे कभी विकार तो, सवाल जो तजा करे। पुकारिए उसे सदा, विचार[...]

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Jainendra

बच्चो को सिखाइए-जैनेन्द्र प्रसाद सिंहबच्चो को सिखाइए-जैनेन्द्र प्रसाद सिंह

0 Comments 5:09 pm

बच्चों को सीखाइए जल हरण घनाक्षरी छंद खलिहान छत पर- जहांँ भी जगह मिले, बागवानी करने को, बच्चों को भी[...]

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होकर मगन -रामपाल प्रसाद सिंहहोकर मगन -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 5:06 pm

होकर मगन गगन के नीचे, दौड़ रहे ये बच्चे हैं। जिन्हें देखकर वयोवृद्ध सब,अंतर मन से नच्चे हैं।। हरियाली के[...]

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हृदय की पुकार -बैकुंठ बिहारीहृदय की पुकार -बैकुंठ बिहारी

0 Comments 5:00 pm

हृदय की पुकार हे मानव। सुन हृदय की पुकार, प्रकृति से मित्रता कर, प्रकृति का सम्मान कर, पेड़ पौधे जीव[...]

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बाल कविता – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’बाल कविता – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 10:59 am

होकर मगन गगन के नीचे, दौड़ रहे ये बच्चे हैं। जिन्हें देखकर वयोवृद्ध सब,अंतर मन से नच्चे हैं।। हरियाली के[...]

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