भरकर आस है – मनहरण घनाक्षरी लाल मुख प्राची किए, मोह रही जैसे प्रिय, भाव को जगाती हिय, भरकर आस[...]
Day: November 21, 2025
मन उड़ान जब भरे हृदय से -रामकिशोर पाठकमन उड़ान जब भरे हृदय से -रामकिशोर पाठक
मन उड़ान जब भरे हृदय से – गीत (१६-१४) तन सुवास भी उड़े गगन में, मन में सुंदर आस जगे।[...]
आप ही खास हैं -रामकिशोर पाठकआप ही खास हैं -रामकिशोर पाठक
आप ही, खास हैं- अरूण छंद गीत २१२-२१२-२१२-२१२ हो सके, तो कभी, पास में आइए। आप ही, खास हैं, मान[...]
पुकारिए उसे सदा रामकिशोर पाठकपुकारिए उसे सदा रामकिशोर पाठक
पुकारिए उसे सदा – पंचचामर/नराच/नागराज छंद गीत १२१-२१२-१२१-२१२-१२१-२ लखे कभी विकार तो, सवाल जो तजा करे। पुकारिए उसे सदा, विचार[...]
बच्चो को सिखाइए-जैनेन्द्र प्रसाद सिंहबच्चो को सिखाइए-जैनेन्द्र प्रसाद सिंह
बच्चों को सीखाइए जल हरण घनाक्षरी छंद खलिहान छत पर- जहांँ भी जगह मिले, बागवानी करने को, बच्चों को भी[...]
होकर मगन -रामपाल प्रसाद सिंहहोकर मगन -रामपाल प्रसाद सिंह
होकर मगन गगन के नीचे, दौड़ रहे ये बच्चे हैं। जिन्हें देखकर वयोवृद्ध सब,अंतर मन से नच्चे हैं।। हरियाली के[...]
हृदय की पुकार -बैकुंठ बिहारीहृदय की पुकार -बैकुंठ बिहारी
हृदय की पुकार हे मानव। सुन हृदय की पुकार, प्रकृति से मित्रता कर, प्रकृति का सम्मान कर, पेड़ पौधे जीव[...]
बाल कविता – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’बाल कविता – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
होकर मगन गगन के नीचे, दौड़ रहे ये बच्चे हैं। जिन्हें देखकर वयोवृद्ध सब,अंतर मन से नच्चे हैं।। हरियाली के[...]
