Day: December 9, 2025

आसरा पास बैठी है – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ आसरा पास बैठी है – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ 

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  खींचती मर्म की रेखा।। जन्म लेते जिसे देखा। आज माॅं खास बैठी है। आसरा पास बैठी है।। दर्द होने[...]

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Ram Kishore Pathak

चिंता है रहती -रामकिशोर पाठकचिंता है रहती -रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:02 am

चिंता है रहती- महा-शशिवदना छंद गीत दुख की सब गाथा, औरों से कहती। धन दौलत की, चिंता है रहती।। राम[...]

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Ram Kishore Pathak

राम राम गाइए रामकिशोर पाठकराम राम गाइए रामकिशोर पाठक

0 Comments 8:59 am

राम-राम गाइए- अनामिका छंद आप जो बता रहे। साथ में खता कहे।। रोष क्यों सदा गहे। दोष को यहाँ सहे।।[...]

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पंछी -रामपाल प्रसाद सिंहपंछी -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 8:52 am

दो पंछी क्यों विवश हुए हैं,बाहर जाने को। अपने हुए पराए मतलब,है समझाने को।। जीवन का हर पल सुखमय जब,तूने[...]

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