आँसू और खामोशी- कुण्डलिया आँसू मेरे नैन में, पत्नी देखी आज। तंज कसी जमकर तभी, कैसा रहा मिजाज।। कैसा रहा[...]
Day: January 6, 2026
चित्राधारित सृजन करता मैं रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ छंद विधाताचित्राधारित सृजन करता मैं रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ छंद विधाता
चित्राधारित सृजन करता मैं रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ छंद विधाता यहाॅं कुछ लोग हैं दिखते, सुवासित कर रहे जग को।[...]
मन वीणा की तुम झंकार बनो – मनु कुमारीमन वीणा की तुम झंकार बनो – मनु कुमारी
मन वीणा की तुम झंकार बनो – मनु कुमारी तुमपर तन मन दुनियां वारी, भटकी मैं प्रेम की गलियारी। सुध[...]
संसार- दोहे – राम किशोर पाठकसंसार- दोहे – राम किशोर पाठक
संसार- दोहे जैसी मन की भावना, वैसा ही संसार। अपने-अपने कर्म की, झेल रहे सब मार।।०१।। दुख को जो है[...]
वंशी बजाए नंदलाल – नीतू रानीवंशी बजाए नंदलाल – नीतू रानी
वंशी बजाए नंदलाल – नीतू रानी सब गायों के बीच में वंशी बजाए नंदलाल, एक भी नही दिख रहा वहाँ[...]
