राधे-राधे- माया छंद गीत वर्णिक २२२-२, २११-२२१-१२२ राधे-राधे, जो जन गाते रहते हैं। गोपाला को, नित्य सखा जो कहते हैं।।[...]
Day: May 3, 2026
आतप रामकिशोर पाठकआतप रामकिशोर पाठक
आतप- रोला छंद गीत आतप से हलकान, हुए अब जन है सारे। बहुत बनें नादान, समझ कब पाए प्यारे।। तरुवर[...]
मजदूर की मजबूरी बिंदु अग्रवालमजदूर की मजबूरी बिंदु अग्रवाल
मजदूर की मजबूरी वो चल पड़ा अपने कर्म के पथ पर लिए अपने हुनर का नूर, अपने घर परिवार से[...]
मजदूर -मनु कुमारीमजदूर -मनु कुमारी
मजदूर कभी चिमनियों में ईंट बनाते, कभी ईंट वह स्वयं बन जाते। कभी कारखानों , उद्योगों की, श्रम अग्नि में[...]
बेचारा मजदूर -नीतू रानीबेचारा मजदूर -नीतू रानी
शीर्षक – बेचारा मजदूर। * बेचारा मजदूर दिनभर करता मजदूरी, परिवार से रहता दूर,बेचारा मजदूर। कभी खेत में काम है[...]
तुम्हे देखकर अंकुरित प्रणय -रामकिशोर पाठकतुम्हे देखकर अंकुरित प्रणय -रामकिशोर पाठक
तुम्हें देखकर अंकुरित प्रणय- गीत तुम्हें देखकर अंकुरित प्रणय। होता स्पंदित है नित्य निलय।। यौवन अंगराई आज अजब। फैलाई जुल्फें[...]
