Day: May 3, 2026

Ram Kishore Pathak

राधे राधे -रामकिशोर पाठकराधे राधे -रामकिशोर पाठक

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राधे-राधे- माया छंद गीत वर्णिक २२२-२, २११-२२१-१२२ राधे-राधे, जो जन गाते रहते हैं। गोपाला को, नित्य सखा जो कहते हैं।।[...]

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बिंदु अग्रवाल

मजदूर की मजबूरी बिंदु अग्रवालमजदूर की मजबूरी बिंदु अग्रवाल

0 Comments 6:56 pm

मजदूर की मजबूरी वो चल पड़ा अपने कर्म के पथ पर लिए अपने हुनर का नूर, अपने घर परिवार से[...]

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बेचारा मजदूर -नीतू रानीबेचारा मजदूर -नीतू रानी

0 Comments 6:43 pm

शीर्षक – बेचारा मजदूर। * बेचारा मजदूर दिनभर करता मजदूरी, परिवार से रहता दूर,बेचारा मजदूर। कभी खेत में काम है[...]

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Ram Kishore Pathak

तुम्हे देखकर अंकुरित प्रणय -रामकिशोर पाठकतुम्हे देखकर अंकुरित प्रणय -रामकिशोर पाठक

0 Comments 6:39 pm

तुम्हें देखकर अंकुरित प्रणय- गीत तुम्हें देखकर अंकुरित प्रणय। होता स्पंदित है नित्य निलय।। यौवन अंगराई आज अजब। फैलाई जुल्फें[...]

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