अंतर्ब्रह्माण्ड का दिव्य दीप – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर नभ मंडल का दृश्य-जगत तो स्थूल दृष्टि का रेला है, किंतु पिंड[...]
Day: October 12, 2026
वज्रतुंड – प्राकृतिक वरदान – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरवज्रतुंड – प्राकृतिक वरदान – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
वज्रतुंड (प्राकृतिक वरदान) – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर नभ की अनंत गहराइयों से, जो रखता धरती पर नज़र, कुदरत का अनुपम[...]
ब्रह्मचारिणी रूप – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ब्रह्मचारिणी रूप – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
ब्रह्मचारिणी रूप – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ शिखर हिमालय से भी ऊँचा, माता तुमको पाऊँ मैं। दिव्य लोक के सिंहासन[...]
॥ नवदुर्गा स्तुति ॥ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर॥ नवदुर्गा स्तुति ॥ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
॥ नवदुर्गा स्तुति ॥ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर प्रथम रूप शैलपुत्री माता, कष्ट निवारण करने आती, हिमालय की वो पावन[...]
नवरात्रि – अर्चना कुमारीनवरात्रि – अर्चना कुमारी
नवरात्रि – अर्चना कुमारी नवरात्रि का आया पावन त्योहार देखो सज गया माँ का तोरण द्वार दसों दिशाएँ हुईं हर्षित,[...]
क्रोध का कुनबा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरक्रोध का कुनबा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
क्रोध का कुनबा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर भीतर हमारे बैठा है, एक ऐसा परिवार, जो सुख-चैन को डस लेता, कर[...]
“नवदुर्गा की हुंकार” – चंद्रकांत कुमार“नवदुर्गा की हुंकार” – चंद्रकांत कुमार
“नवदुर्गा की हुंकार” – चंद्रकांत कुमार उठो तेजस्वी…! अपने जीवन में हुंकार भरो, नवयुग के जीवन का निर्माण करो, माँ[...]
