कृष्णेशं प्रणमाम्यहम्। कमलावल्लभाकारं कमलाकरपूजितम्। कमलानन्दसम्पन्नं कृष्णेशं प्रणमाम्यहम्।। कमलामुखपद्मार्कं कमलाश्रितविग्रहम्। कमलालङ्कृताकारं कृष्णेशं प्रणमाम्यहम्।। कमलासनसंसेव्यं कमलोदरदीपनम्। कमलाकरपाशाढ्यं कृष्णेशं प्रणमाम्यहम्।।[...]
Day: October 29, 2026
गलत कुछ खप जाने दो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ गलत कुछ खप जाने दो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
गलत कुछ खप जाने दो। रोला छंद आया जब परिणाम,भाग्य ने खेल बिगाड़ा। थी दोपहरी धूप,लगी राहुल को जाड़ा।। बैलट[...]
धैर्य का मीठा फल – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरधैर्य का मीठा फल – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
धैर्य का मीठा फल एक दिन ठंडी और मंद पवन, बहती हुई आई पाकर मन। छुआ बीज को ऐसे[...]
लघु तन, विराट संकल्प – धर्मेंद्र कुमारलघु तन, विराट संकल्प – धर्मेंद्र कुमार
“लघु तन, विराट संकल्प” एक जंगल में छोटी सी चींटी रहती थी, मेहनत की वो हरदम मीठी धुन कहती थी।[...]
विविधता में एकता – रिंजु कुमारीविविधता में एकता – रिंजु कुमारी
विविधता में एकता भाषाएँ अनेक, वेशभूषा अनेक, फिर भी एक पहचान है, विविध रंगों से सजा भारत, हमारी शान[...]
