क्या बदलाव लायेगा नया साल-विवेक कुमार

बीते को भुलाना, नए को अपनाना, जो खोया उसका रोना, पाए पर इतराना, अच्छाई से दोस्ती, बुराई से घबड़ाना, खट्टी मीठी यादों का बीता सफर सुहाना, यादों के झरोखों से…

रजिस्ट्रेशन के नाम पर सौदा? – ओम प्रकाश

रजिस्ट्रेशन के नाम पर सौदा? सम्मान के बदले भुगतान? पुरष्कार खरीद रहे हैं आप? कहाँ है आपका आत्मसम्मान? काग़ज़ी ट्रॉफियाँ, खरीदे गए मंच, मतलबी तारीफ़ों के साथ गुरु नहीं, ग्राहक…

बचपन

बचपन ना ही किसी की फिक्र है, ना ही किसी का जिक्र हैं, करते हरदम अपने मन की, यही उमर हैं बचपन की। तुरंत रूठना तुरंत मान जाना, लड़ना झगड़ना…

दीपक- सत्येन्द्र गोविन्द

दीपक बनकर अँधियारों को हरने वाले शिक्षक हैं हर बच्चे का जीवन रौशन करने वाले शिक्षक हैं वरना तो वंचित रह जाते कितने बच्चे शिक्षा से बच्चों का दामन शिक्षा…

मेरी पोषण वाली थाली – अवधेश कुमार

माँ ने सजाये थाली में अनोखे रंग , पोषण थाली अब करेगी कुपोषण से जंग । मोटे अनाज देंगे हमें बल, गेहूँ, चावल भरें संबल। दाल हमें दे प्रोटीन प्यारा,…

हम शिक्षक हैं राष्ट्र निर्माता- मृत्युंजय कुमार

हम शिक्षक हैं राष्ट्र निर्माता, बच्चों के हैं भाग्य विधाता। बच्चों को देते शिक्षा,संस्कार और अनुशासन का ज्ञान, हम शिक्षक बनाते उनका जीवन मूल्यवान। पढ़-लिखकर ये बच्चे बनेंगे महान, तभी…

लड्डू- रीतु प्रज्ञा

गोल-गोल लड्डू, खूब खाता गुड्डू । खाता चार-चार, खाता बार-बार, फिर भी ललचाए, छुप कर वो खाए। गोल-गोल लड्डू, खूब खाता गुड्डू। आठ-आठ खाया, दर्द उसे रूलाया। पास मांँ के…