करे जब पग स्वयम् नर्तन, समझ लेना कि होली है रग-रग में फूट पड़े स्पंदन, समझ लेना कि होली है। वायु में उन्मुक्त पराग सा जब माधुर्य…
Author: Anupama Priyadarshini
इको क्लब संग अनोखी होली
इको क्लब की टोली आई, खुशियों की रंगोली लाई। हँसी-मस्ती की चली फुहार, होली लाई खुशियाँ अपार। सोनाक्षी लाई गुलाल सुहाना, आरती ने सबको रंग लगाने का ठाना। हँसते-हँसते रंग…
Student
हे नारी, तू नारायणी है, डर मत तू झाँसी की रानी है, डट कर सामना कर, मनुष्य रुपी दानवों का , तू दुर्गावती जैसी प्रतिभा वाली है। तू चाहे…
आया बसंत आया बसंत
आया बसंत आया बसंत आया बसंत आया बसंत सबके मन को भाया बसंत दादूर मोर पपीहा बोले कोयल के मन पीहू बोले आमों में मंजर लद…
ऋतुराज के आगमन पर
ऋतुराज के आगमन पर निकल उठीं हैं दिवा-रश्मियां नव प्रभात, नव यौवन मन छाया है, स्वागत के लिए कूक रही है कोकिला क्रोड से निकल, विहगों ने स्वागत गीत…
एक दिन का सम्मान या हमेशा?
“एक दिन का सम्मान या हमेशा?” “मैं शिक्षक हूँ — और यह मेरी कहानी है” मैं शिक्षक हूँ… हाँ, वही — जो सुबह पहले विद्यालय पहुँचता है और अंत में…
*गुरु-शिष्य महिमा*
गुरु-शिष्य महिमा गुरु चाणक्य का सानिध्य पाकर, चंद्रगुप्त मिशाल बना; नंद वंश का नाश कर, वह मगध सम्राट बना। भद्रबाहु से शिक्षा पाकर, प्रियदर्शी अशोक बना; विश्वभर में…
मेरे सपनों का गांव
VIKAS KUMAR SAW
मेरा इको क्लब परिवार
जब धरती माँ की आँखें भर आईं, सूखी नदियाँ, थकी हुई हरियाई… तब नन्हे क़दम आगे बढ़कर बोले— “माँ, अब हम हैं… तू मत रोना।” नन्हे हाथों में पौधों…
कविता
।। तुम हो मेरी रागिनी सी ।। तुम्हारी बोली जैसे मीठी रागिनी सी, अंधेरी रातों में हो तुम मेरी चाँदनी सी।। मैं चकोर, तुम हो पूनम की रात, जैसे मैं…