गुरु-शिष्य महिमा गुरु चाणक्य का सानिध्य पाकर, चंद्रगुप्त मिशाल बना; नंद वंश का नाश कर, वह मगध सम्राट बना। भद्रबाहु से शिक्षा पाकर, प्रियदर्शी अशोक बना; विश्वभर में…
Author: Anupama Priyadarshini
मेरे सपनों का गांव
कविता मेरे सपनों का गाँव सहज सुभग शाश्वत विहान हो। मधु खग-कलरव, दिव्य आख्यान हो। जन-जन में बसे प्रबुद्ध ज्ञान हो। हो प्राकट्य जब प्रथम किरण का, विकास…
मेरा इको क्लब परिवार
जब धरती माँ की आँखें भर आईं, सूखी नदियाँ, थकी हुई हरियाई… तब नन्हे क़दम आगे बढ़कर बोले— “माँ, अब हम हैं… तू मत रोना।” नन्हे हाथों में पौधों…
कविता
।। तुम हो मेरी रागिनी सी ।। तुम्हारी बोली जैसे मीठी रागिनी सी, अंधेरी रातों में हो तुम मेरी चाँदनी सी।। मैं चकोर, तुम हो पूनम की रात, जैसे मैं…
सच्चे मार्गदर्शन की रोशनी
जब थककर बैठ गए थे हम, और लगा — अब आगे क्या? तब किसी ने धीरे से आकर कहा — “चलो, अभी रास्ता है बचा।” एस० एल० डी० से जूझते…
*चलें स्कूल*
चलें स्कूल हम हैं सृजन के फूल, चलें स्कूल। चलें स्कूल, चलें स्कूल।। बच्चे हैं हम, सृजन के हार, हमसे ही आती, है बहार। मिल जाये जवाब, हमें…
गुरु-शिष्य महिमा
गुरु-शिष्य महिमा गुरु चाणक्य का सानिध्य पाकर, चंद्रगुप्त मिशाल बना; नंद वंश का नाश कर, वह मगध सम्राट बना। भद्रबाहु से शिक्षा पाकर, प्रियदर्शी अशोक बना; विश्वभर में…
शिक्षा की रोशनी में बदला मुज़फ्फरपुर”
विवेक कुमार
गांधी: देह नहीं, एक विचार
यह केवल एक तारीख नहीं, यह आत्मा का मौन है। आज भारत सिर झुकाकर कहता है— बापू, आप अमर हैं, कौन है जो आपको मौन कर सके? न तलवार…
। गणतंत्र दिवस कविता – मुन्नी कुमारी।
। गणतंत्र दिवस। छब्बीस जनवरी का दिन है सुहाना, गणतंत्र हुआ है देश अपना । संविधान का मान बनाए रखना, अधिकार अपना जताए रखना। यह केवल पर्व नहीं, इतिहास की…