Author: Anupama Priyadarshini

Jaykrishna

मेरी अभिलाषा- जयकृष्णा पासवानमेरी अभिलाषा- जयकृष्णा पासवान

0 Comments 8:33 pm

मैं पंछी बन उन्मुक्त गगन में, दुनियां का भ्रमण करुं। काली-घटा की बलखाती बादल में भींग जाऊं।। यह मेरी अभिलाषा[...]

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sanjay kumar DEO

विज्ञापन अंतिम संस्कार का- संजय कुमारविज्ञापन अंतिम संस्कार का- संजय कुमार

0 Comments 8:25 pm

ऐड देख कर खुश मैं होऊँ या आँखें भर भर मैं रोऊँ। खोया जिसके लिए था सब कुछ हुआ वही[...]

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Vikas kumar

दहलीज में सिमटी जिंदगी का सबक- विकास कुमारदहलीज में सिमटी जिंदगी का सबक- विकास कुमार

0 Comments 8:58 pm

भीड़ भरी इस दुनिया में कूप सन्नाटा पसरा है। जब हवा ही कातिल हुई, फिर किस सांस का आसरा है।।[...]

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Devkant

प्यारा गाँव- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’प्यारा गाँव- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 8:30 pm

सबसे प्यारा गाँव हमारा, अद्भुत सुंदर न्यारा है। चलो तुम्हें हम आज दिखाएँ, उर का भाव हमारा है।। होती अनुपम[...]

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Kanchan

गंगा अब मैली नहीं- कंचन प्रभागंगा अब मैली नहीं- कंचन प्रभा

0 Comments 8:28 pm

सुनाई देती है वही सुरीले पंछी की चहचहाहट फिर से है हवाओं में शीतल सी वही गीतों की गुनगुनाहट फिर[...]

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