Author: Anupama Priyadarshini

Manikant mani

शिक्षक विदाई गीत -मणिकांत मणिशिक्षक विदाई गीत -मणिकांत मणि

0 Comments 8:41 pm

विदाई के घड़ी,मन की व्यथा, क्या-क्या सुनाऊं मैं? ये है विछुड़न की पीड़ा जो, किसी से कह न पाऊं मैं?[...]

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Sanjay (DEO)

धारा के विपरीत चलना सीखो- संजय कुमारधारा के विपरीत चलना सीखो- संजय कुमार

0 Comments 8:33 pm

चलते हैं सब धारा के संग-संग धारा के विपरीत चलना सीखो। दिवा में जब हम सोते हैं , आँख खुले[...]

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Jainendra

चूहे की बारात-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’चूहे की बारात-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 8:31 pm

घर से निकले चूहे राजा, ले के हाथी और बैंड बाजा। नई शेरवानी लंबा कुर्ता, पहन पतलून, टोपी जूता। घोड़े[...]

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Meera

पापा की परी- मीरा सिंह “मीरा”पापा की परी- मीरा सिंह “मीरा”

0 Comments 8:29 pm

तुफानों से लड़ी हूं मैं मुश्किल से कब डरी हूं मैं। लहरों की मैं करूं सवारी हिम्मत बल से भरी[...]

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S K punam

पार्थ- एस.के.पूनमपार्थ- एस.के.पूनम

0 Comments 8:28 pm

हे आचार्य तुम ही पार्थ हो” हे पार्थ!तेरा कर्मभूमि विद्यालय है, हे आचार्य!रणभूमि भी शिक्षालय है, लेखनी और किताबें तेरा[...]

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Jainendra

प्रभाती पुष्प- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्रभाती पुष्प- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 5:02 pm

मनहरण घनाक्षरी ****** लाखों मनुहार करें, कितना भी प्यार करें, पिंजरे में बंद पक्षी खुश नहीं दिखता । समय प्रभात[...]

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Kanchan

मैं पथ का निर्भिक राही- कंचन प्रभामैं पथ का निर्भिक राही- कंचन प्रभा

0 Comments 5:01 pm

पथ के राही चले बेफिक्र मंजिले दूर हो रास्ते कठिन हो पथरीली डगर हो काँटे बिछे हो चलना है बस[...]

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Vinay

डूबते को सहारा- विनय विश्वाडूबते को सहारा- विनय विश्वा

0 Comments 9:10 pm

डूबते को सहारा ये सिखाती है पानी की धारा कभी पतवार बन कभी सवार बन। उगते को सब सलाम करते[...]

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