Author: Anupama Priyadarshini

Jainendra

मनहरण घनाक्षरी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मनहरण घनाक्षरी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 8:57 pm

रवि छिप जाता जब, चांद आसमान तब, सरोवर पड़ा जल झिलमिल करता। वर्षा ऋतु जाने पर, शरद के आने पर,[...]

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Jaykrishna

किस्मत- जय कृष्ण पासवानकिस्मत- जय कृष्ण पासवान

0 Comments 8:54 pm

किस्मत बंधे हुए फरिश्तों का लकीर है । और चमकते हुए सितारों का तनवीर है वो। किस्मत हर ख्वाबों के[...]

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Nawab

बेटियां- नवाब मंजूरबेटियां- नवाब मंजूर

0 Comments 8:49 pm

बेटियां होतीं हैं किताब पन्ने दर पन्ने पढ़ने पड़ते हैं समझने के लिए उन्हें! पढ़ेंगे जितना उतना ही समझेंगे समझ[...]

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Jaykrishna

दोस्ती – जयकृष्ण पासवानदोस्ती – जयकृष्ण पासवान

0 Comments 8:49 pm

दोस्ती तो दिल का बंधन है, दोस्ती ललाट का चंदन है। दोस्ती तो सागर में लहरों के समान है, दोस्ती[...]

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मेरी मां- सूरज कुमार कुशवाहामेरी मां- सूरज कुमार कुशवाहा

0 Comments 8:44 pm

मां मेरी जीवन की हो, तुम मूर्तिकार, तूने ही दिया है, ऐसा अनुपम आकार। बाधा विघ्नों से तूने बचाया हर[...]

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