Author: Anupama Priyadarshini

Vivek kumar

मां के नवरुपों का दर्शन- विवेक कुमारमां के नवरुपों का दर्शन- विवेक कुमार

0 Comments 1:58 pm

मां की महिमा है बड़ी निराली, उनके रूपों में दर्शन देती मां काली, नवरात्रा में मां के नव रूपों के[...]

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Jainendra

प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 1:47 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद हर साल नवरात्रि, माता की चरण आवे, पूजा बिना सुना लगे महल अटरिया। धन पद सुत दारा,[...]

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Kumkum

खुद को दीप्तिमान कर – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”खुद को दीप्तिमान कर – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

0 Comments 5:28 pm

शांति से सहन कर,अहं का दमन कर, बेकार तकरार में,वक्त न गवाइए। आलस्य को तज कर,खड़ा रह डट कर, विपरीत[...]

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Nitu Rani

माता रानी- नीतू रानीमाता रानी- नीतू रानी

0 Comments 5:26 pm

गज चढ़ी अहाँ एलौं हे माता रानी, जेती गज चढ़ी भगवती। माँ हँसति खल-खल दाँत झल-झल, रुप सुन्दर भगवती। गज[...]

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Nitu Rani

कत्यायनी माता- नीतू रानीकत्यायनी माता- नीतू रानी

0 Comments 5:24 pm

कत्यायनी माँ एली हे मैया , नौ रुप में अहाँ भगवती। माँ सिंह सवारिनी त्रिशूल धारिणी, महिषासुर केए मारती। कत्यायनी[...]

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Devkant

कुंडलिया- देव कांत मिश्र ‘दिव्यकुंडलिया- देव कांत मिश्र ‘दिव्य

0 Comments 2:38 pm

माता की आराधना, करो सदा प्रणिपात। अंतर्मन के भाव में, भरो नहीं आघात।। भरो नहीं आघात, कर्म को सुंदर करना।[...]

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Ruchika

बेटियाँ जरूरी होती हैं – रूचिकाबेटियाँ जरूरी होती हैं – रूचिका

0 Comments 10:25 am

धरा की खूबसूरती और बढ़ाने के लिए, रिश्तों को प्रेम रंग में सजाने के लिए, बेटी,बहन,पत्नी,प्रेमिका मॉं ,फुआ, रिश्तों के[...]

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Devkant

बेटी -देव कांत मिश्र ‘दिव्य’बेटी -देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 10:21 pm

ममता बड़ी प्यारी है, समता बड़ी न्यारी है, बेटी ही तो बनती माँ, माँ की परछाईं है। मानवता की जान[...]

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