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हर घर तिरंगा लहराए, भारत माँ मुस्काए,
जन-जन के मन में देशभक्ति, दीप नया जल जाए।
केसरिया त्याग सिखाए, साहस की पहचान,
श्वेत रंग दे शांति-संदेश, सत्य बने सम्मान।
हरा रंग खुशहाली लाए, धरती का श्रृंगार,
नीला चक्र निरंतर बोले—चलते रहो अपार।
सीमा पर जो वीर खड़े हैं, उनको नमन हमारा,
उनके त्याग और बलिदानों से, रोशन देश हमारा।
गाँधी, भगत, सुभाष की धरती, वीरों का सम्मान,
रानी लक्ष्मीबाई की गाथा, बढ़ाए देश की शान।
जाति-धर्म का भेद मिटाकर, एक बने परिवार,
भारत माँ के लाल सभी हम, भारत अपना प्यार।
गाँव-गाँव और नगर-नगर में, तिरंगा फहराएँ,
घर-घर इसकी आन बचाएँ, मिलकर शपथ उठाएँ।
नन्हे-मुन्ने हाथों में जब, तिरंगा लहराए,
देख तिरंगे की यह शोभा, हर भारतवासी मुस्काए।
स्वच्छ रखें हम अपना भारत, निर्मल हो हर द्वार,
शिक्षा, सेवा, योग और श्रम से, बढ़े देश का प्यार।
हर घर तिरंगा, हर मन तिरंगा, यही हमारा मान,
भारत माँ की जय-जय बोले, गूँजे हिंदुस्तान।
तिरंगा केवल ध्वज नहीं है, यह भारत की शान,
इसके खातिर न्योछावर हैं, वीरों के प्राण।
आओ मिलकर आज सजाएँ, अपना घर-आँगन प्यारा,
हर घर तिरंगा फहराकर कहें—
भारत देश हमारा! 🇮🇳
जय हिंद! 🇮🇳
वंदे मातरम्! 🇮🇳
प्रस्तुति: कार्तिक कुमार
राष्ट्रीय योग प्रशिक्षक एवं शिक्षक
मध्य विद्यालय कटरमाला, गोरौल, वैशाली, बिहार
पता: ग्राम/पोस्ट — मझौली पचदही, भाया सिलौत, जिला — मुजफ्फरपुर, बिहार
मोबाइल: 7004318121

