Author: Anupama Priyadarshini

Devkant

दोहावली- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 7:04 pm

पावन शुचिमय भाव रख, रचें नवल संसार। दे सबको नव वर्ष शुभ, खुशियों का उपहार।। द्वेष पुराना भूलकर, करिए नेक[...]

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Jainendra

प्रेम उपहार-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्रेम उपहार-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 7:02 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद सबकी बनाए भाल चौबीस का नया साल, साथियों के लिए लाए, खुशियां अपार है। आप सभी छोटे[...]

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Devkant

दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 4:46 pm

शीत मास में हम सभी, रखें गात का ध्यान। स्वस्थ देह सद्कर्म ही, सुखद शांति संज्ञान।। दस्तक दी है शीत[...]

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Jainendra Prasad Ravi

झूठी शान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’झूठी शान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 3:32 pm

जब कोई बेसहारा पाता हो सहारा नहीं, दिखावे को महलों में रखते हैं बाँध स्वान। सोने हेतु काफी होता दो[...]

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पढ़ें -लिखे को मुर्ख बनाता है – नीतू रानीपढ़ें -लिखे को मुर्ख बनाता है – नीतू रानी

0 Comments 1:02 pm

विषय -अनपढ हुकूमत करता है। शीर्षक – पढ़ें -लिखे को मुर्ख बनाता है। अनपढ़ हुकूमत करता है, पढ़े-लिखे को बेवकूफ[...]

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