Author: Anupama Priyadarshini

Jainendra

मित्रता – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मित्रता – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 1:54 pm

द्वारिका में मिलने को, सुदामा जी आए जब, चरण पखारें श्याम, पानी ले परात में। मित्र कहो समाचार, पूछा जब[...]

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S K punam

मनहरण घनाक्षरी – एस.के.पूनममनहरण घनाक्षरी – एस.के.पूनम

0 Comments 1:53 pm

विछोह की पीड़ा सहे, नयन तो भींग रहे, हृदय संतप्त कर,संग छोड़ आए थे। तप्त धरा पग बिंध, सजल अँखियाँ[...]

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Dr MK Shashi

वे मुस्काते फूल नहीं – मनीष कुमार शशिवे मुस्काते फूल नहीं – मनीष कुमार शशि

0 Comments 1:46 pm

वे मुस्काते फूल, नहीं जिनको आता है मुर्झाना, वे तारों के दीप, नहीं जिनको भाता है बुझ जाना; वे नीलम[...]

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Devkant Mishar

मनहरण घनाक्षरी- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’मनहरण घनाक्षरी- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 6:17 pm

वृक्ष पुत्र के समान, रखें सभी नित्य ध्यान, शुद्ध वायु प्राप्त होती, बड़े-बड़े काम हैं। पत्ते हैं गुणकारक, छाया तो[...]

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S K punam

मुकुट मोर का है – एस.के.पूनममुकुट मोर का है – एस.के.पूनम

0 Comments 6:15 pm

🙏कृष्णाय नमः🙏 विद्या:-मनहरण घनाक्षरी निशाकर सोच रहे, यामिनी से वह कहे, कर ले अँखियाँ बंद,दस्तक है भोर का। मयूख है[...]

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Manu Raman Chetna

सीतासोहर- मनु रमण “चेतना”सीतासोहर- मनु रमण “चेतना”

0 Comments 12:34 pm

सुन्दर सुभग मिथिला धाम से, पावन पवित्र भूमि रे। ललना रे जहां बसु राज विदेह, प्रजा प्रतिपालक रे। चकमक मिथिलाक[...]

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