मौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर चलो अब जाने भी दो क्या करोगे कथा सुनकर, ये चोट जो गहरी[...]
Author: Khushboo kumari
शिक्षक हूँ मैं : शिष्य के भविष्य का शिल्पकार — उमेश कुमार सिन्हाशिक्षक हूँ मैं : शिष्य के भविष्य का शिल्पकार — उमेश कुमार सिन्हा
शिक्षक हूँ मैं : शिष्य के भविष्य का शिल्पकार — उमेश कुमार सिन्हा शिक्षक हूँ मैं, शिक्षा से मेरा अटूट[...]
पथ अपना अपना – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरपथ अपना अपना – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर
पथ अपना अपना – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर जीवन के इस महासमर में, कोटि-कोटि राही चलते हैं, सबके अपने-अपने पथ हैं,[...]
वर्णमाला बोध काव्य – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरवर्णमाला बोध काव्य – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर
वर्णमाला-बोध काव्य- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर कमल ‘क’ से विकसित हो मन में, पढ़ो निरंतर पल-पल तुम, खिसके जब खरगोश ‘ख’[...]
भिक्षुक – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरभिक्षुक – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर
भिक्षुक – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर कहते हैं लोग यहाँ अब न कोई दरिद्र रहा, सबकी तिजोरी भर गई, कोई न[...]
हृदय की पुकार- कुमारी प्रियंका वर्माहृदय की पुकार- कुमारी प्रियंका वर्मा
हां समझो मुझको इसके पहले कि भाव शून्य ना बन जाऊ,, नित जीवन के संघर्षों से , हां अंतर्मन के[...]
गणित का असली सार – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरगणित का असली सार – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर
शून्य कहे—”मैं खाली हूँ,” पर पीछे लगकर मान बढ़ाता। एक अकेला जब आ जाए, शुरुआत नई वह कर जाता। शून्य[...]
मेरी माँ – कुमारी मधुमेरी माँ – कुमारी मधु
मन के कोने में एक झनकार सी उभरती है, सूखती आंखें,कांपते होठ,फिर भी ममता मयी चेहरा लिए मुझे सुबह शाम[...]
ज से म तक – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरज से म तक – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर
जन्म से मरण: महाकाल का असीम चक्र सृष्टि के आदिम सन्नाटे को चीर कर, जब ‘ज’ का पहला स्पंदन गूंजा[...]
मुझे मेरा बचपन लौटा दे – खुशबू कुमारीमुझे मेरा बचपन लौटा दे – खुशबू कुमारी
मुझे मेरा बचपन लौटा दे ए गुजरा हुआ समय, मुझे मेरा बचपन लौटा दे। थक चुकी हूं जीवन से, मुझे[...]
