Author: Khushboo kumari

Dharmendra Kumar Thakur

मौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरमौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:48 pm

मौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर चलो अब जाने भी दो क्या करोगे कथा सुनकर, ये चोट जो गहरी[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

पथ अपना अपना – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरपथ अपना अपना – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:06 pm

पथ अपना अपना – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर जीवन के इस महासमर में, कोटि-कोटि राही चलते हैं, सबके अपने-अपने पथ हैं,[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

वर्णमाला बोध काव्य – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरवर्णमाला बोध काव्य – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

0 Comments 9:13 pm

वर्णमाला-बोध काव्य- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर कमल ‘क’ से विकसित हो मन में, पढ़ो निरंतर पल-पल तुम, खिसके जब खरगोश ‘ख’[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

भिक्षुक – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरभिक्षुक – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

0 Comments 7:20 pm

भिक्षुक – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर कहते हैं लोग यहाँ अब न कोई दरिद्र रहा, सबकी तिजोरी भर गई, कोई न[...]

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Ptiyanka Kumari Verma

हृदय की पुकार- कुमारी प्रियंका वर्माहृदय की पुकार- कुमारी प्रियंका वर्मा

0 Comments 5:53 pm

हां समझो मुझको इसके पहले कि भाव शून्य ना बन जाऊ,, नित जीवन के संघर्षों से , हां अंतर्मन के[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

गणित का असली सार – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरगणित का असली सार – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

0 Comments 5:42 pm

शून्य कहे—”मैं खाली हूँ,” पर पीछे लगकर मान बढ़ाता। एक अकेला जब आ जाए, शुरुआत नई वह कर जाता। शून्य[...]

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मेरी माँ – कुमारी मधुमेरी माँ – कुमारी मधु

0 Comments 5:30 pm

मन के कोने में एक झनकार सी उभरती है, सूखती आंखें,कांपते होठ,फिर भी ममता मयी चेहरा लिए मुझे सुबह शाम[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

ज से म तक – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरज से म तक – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

0 Comments 5:05 pm

जन्म से मरण: महाकाल का असीम चक्र सृष्टि के आदिम सन्नाटे को चीर कर, जब ‘ज’ का पहला स्पंदन गूंजा[...]

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Khushboo Kumari

मुझे मेरा बचपन लौटा दे – खुशबू कुमारीमुझे मेरा बचपन लौटा दे – खुशबू कुमारी

0 Comments 4:13 pm

मुझे मेरा बचपन लौटा दे ए गुजरा हुआ समय, मुझे मेरा बचपन लौटा दे। थक चुकी हूं जीवन से, मुझे[...]

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