अक्टूबर – रुचिका

देखो,कैसे आ गया अक्टूबर थोड़ी सी ठंडी हवा लेकर, थोड़ी सी सूरज की गर्मी चुराकर थोड़ी सी सूरज में नर्मी लाकर जैसे करने को आतुर है शीत का स्वागत देखो…

बचपन – बाल गीत – राम किशोर पाठक

    बच्चे मिलकर जश्न मनाए। धमा चौकड़ी धूम मचाए।। अनुपम हर क्षण है जीवन का। सफर सुहाना है बचपन का।। हरपल प्यारा सबका न्यारा। लेकर खुशियों की यह धारा।।…

गणपति वंदना – राम किशोर पाठक

महामंगला छंद हे गणपति गजवदन, तुम्हें नवाऊँ शीश। देव पूज्य तुम प्रथम, कृपा करो जगदीश।। गिरिजा नंदन नमन, तुमको बारंबार। कर विघ्नों का हरण, कर दो तुम उद्धार।। कृपा करो…

अनुपम गाँधी-शास्त्री- राम किशोर पाठक

गाँधी शास्त्री थें भारत के लाल। जन्में दोनों सुंदर देश विशाल।। अपने कर्मो से हरपल विख्यात। धन्य हुई दोनों से भारत मात।। सत्य अहिंसा दोनों के ही हाथ। जन जीवन…

रावणी गुण- राम किशोर पाठक

हत्या चोरी आचार यौन । झूठी वाणी रहना न मौन।। भाषा विभक्त-कारी कठोर। धारे लालच लोभ घनघोर।। कारण प्रभाव देता नकार। व्यर्थ गपशपी सदा व्यवहार।। ईर्ष्या क्रोध घृणा से प्रवीण।…

बेटी अभिशाप नहीं वरदान है – पूजा कुमारी

जाने क्यों लोग बेटी को बोझ समझते हैं। बेटी कोई अभिशाप नहीं यह तो आंगन की लक्ष्मी है।। किसी के घर खुशहाली बनकर तो किसी के घर लक्ष्मी बनकर आती…

माता की आराधना – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

दुर्गा मांँ के मंदिर में, जलता अखंड ज्योति, आओ सब मिल करें, माता की आराधना। नैवेद्य कर्पूर धूप, चंदन अक्षत दीप, हाथ लेके नर-नारी, करते हैं साधना। श्रद्धा भक्ति भाव…