सोमनाथ केअ शोभायात्रा में निकललखिन्ह प्रधानमंत्री सरकार हे बहिना, संग में मंत्री दुई चार। एक सौ अठारह घोड़ा पर बैसल सैनिक राज कुमार हे —–2, रथ में खड़ा भेल प्रधानमंत्री…
Author: madhukumari
रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
लौ देखी ऐसी शिक्षा की,फूट रही फुलझड़ियाॅं। उजले कागज कार हो रहे,जुड़ी हुई हैं कड़ियाॅं। फूट रही फुलझड़ियाॅं…… पढ़ता बालक लग्न मगन है,भाग रही हैं घड़ियाॅं। दीप ज्वलित भरपूर लौ…
विश्व हिंदी दिवस – राम किशोर पाठक
आप हिंदी पढ़ें यह कथन देखिए। खत्म है आज इसका चलन देखिए।। देव वाणी सुता है धनी शब्द से। पल रही कुछ दिलों की जलन देखिए।। है लिखी यह वही…
बाल विवाह: एक अभिशाप – भवानंद सिंह
आओ बताऍं बाल विवाह का दुष्परिणाम क्या होता है ? नासमझी के इस भूल पर जीवन भर वह रोता है। बाल विवाह अपराध है है सबसे बड़ा अभिशाप, इसको समझो…
मेरी बेटी – सुमन सौरभ
मेरी बेटी तुम केवल ऊंची उड़ान ना भरो ऐसा भी करो कि एक कदम तुम्हारा धरती पर भी धरो…..। मेरी बेटी यहां केवल उजाला ही नहीं, तुम इस लगातार स्याह…
पहले स्वास्थ्य मायने रखता – मनु कुमारी
मैडम जी! मैडम जी! कब खुलेगा हमारा प्यारा यह स्कूल ? हम बच्चों के बिना आप विद्यालय आतीं हैं , ये है कहां का रूल।। बच्चों! भीषण शीतलहर के कारण,…
घर की कलियाँ- राम किशोर पाठक
घर के उपवन की कलियों को। नेह लुटाती उन डलियों को।। ठीक नही ऐसे बिसराना। करके खाली चित गलियों को।। रही सुबह को जो मुस्काती। मनभावन शोख तितलियों को।। मर…
दियौ बच्चा केअ छुट्टी सरकार यौ – नीतू रानी
दियौ केअ छुट्टी सरकार यौ, नै तेअ बच्चा सब बच्चापड़त बीमार यौ। आय तेअ सबसेअ बेसी येअ ठंडा धूप एखैन यहाँ बड़ येअ मंदा, ठंडा सेअ हालत येअ हमर खराब…
नव वर्ष के एलै बहार – नीतू रानी
नव वर्ष के एलै बहार बहार मेरी सखिया, नजदीक एलै पर्व त्योहार त्योहार मेरी सखिया। नव वर्ष केअ —–२। तिला संक्रांति एलै महाशिवरात्रि एलै, एलै राष्ट्रीय त्योहार त्योहार मेरी सखिया।…
कैसे समझोगे तुम – बैकुंठ बिहारी
कैसे समझोगे तुम कैसे समझोगे तुम समय को, जिसने लोगों को जीना सिखाया। कैसे समझोगे तुम स्वजन को, जिसने तुम्हारा मान बढ़ाया। कैसे समझोगे तुम परिजन को, जिसने तुम्हारा अपमान…