भारत को शिक्षित बनाएँगे हम, बदलेंगे जमाना। शिक्षा ग्रहण करना ध्रुव सा अटल है काया की रग -रग में शिक्षा का बल है , शिक्षा की रौशनी फैलाएँगे हम बदलेंगे…
Author: madhukumari
डायरिया से डर नही-नीतू रानी
डायरिया से डर नही, अब डायरिया से कोई जाएगा मर नही। डायरिया का मतलब स्वच्छ और साफ, कभी न आएगा डायरिया का बाप। अगल- बगल की करो सफाई, न खाना…
मानव अब मानव न रहा- मोहम्मद आसिफ इकबाल
मानव अब मानव न रहा, ये विकराल रूप दानव का है। जानवर ने जो छोड़ दिया वही काम अब मानव का है। बर्ताव ऐसा करते हैं कि देखे न सुहाय,…
वही है भारत देश हमारा-सत्यम कुमार
जहाँ महात्मा गांँधी का महात्म्य जहाँ वीर भगत ने रचा शौर्य का इतिहास, जहाँ बहती है गंगा की निर्मल धारा वही है भारत देश हमारा। जहाँ भगवान बुद्ध ने पाया…
कुत्ते पाल रहे-नीतू रानी
लोग माता -पिता को अपने घर में दुत्कार रहे , खरीद कर लाए शौक से कुत्ते पाल रहे। माता- पिता को समय पर नही देते खाना, कुत्ते को अच्छा खाना…
होली का रंग-कार्तिक कुमार
बच्चों, बुद्ध, महिला, पुरुष, युवती-युवक सब मिलें भरपूर। होली का रंग सबको भाए, प्रेम का संदेश जग में फैलाए। नन्हे बच्चे हँसते-गाते, पिचकारी से रंग बरसाते। युवक-युवती झूम-झूम गाएँ, मित्रों…
बसंत का आगमन -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
खेतों में हरियाली शोभें सरसों-अलसी बलखाती है। ऋतुराज के स्वागत में कोयल गीत खुशी से गाती है। नव पल्लव पा मधुबन हंँसता कलियांँ खिलती हैं धीरे, हरे दूब पर बिछें…
फाग में महका है हर अंग– राम किशोर पाठक
खिली जो कलियाँ ले नव रंग। फाग में महका है हर अंग।। देख कर फूलों का शृंगार। भ्रमर ने छेड़ा कोई तार।। प्रीत है गाता उसका गान। सुनी तो कलियाँ…
तुम चलो तो सही-अमृता कुमारी
सारी नाउम्मीदी, उलझनों, चिंताओं को किनारे रखकर, एक बार उठो तो सही! पता है कि रास्ते में आती हैं मुश्किलें हजार कोई बात नहीं; घबराना, रुकना या…
देखो आयी होली – आयी होली- श्री रवि कुमार
रंगों से हुई आँख मिचोली, देखो आयी होली-आयी होली । बच्चों बूढ़ो की निकली टोली, देखो आयी होली-आयी होली ।। प्यार भरा ये त्योहार, बना देता आपसी व्यवहार। मिलती सबसे…