मधुमास का श्रृंगार-मनु कुमारी

मधुमास ने जब धीरे से आँचल फैलाया, वसंत ने धरती को दुल्हन-सा सजाया। सौंदर्य झुका पत्तों की हरित पलकों में, लावण्य चमक उठा ,ओस की झिलमिल छलकों में। डाल-डाल पर…

घूँघट-मनु कुमारी

घूंघट में छुपा चाँद-सा मुख, नयनों में सपनों का बसेरा। लाज की कोमल चादर ओढ़े, मुस्कान बनी मन का सवेरा। धीमे-धीमे पग धरती पर, चूड़ियों ने गीत सुनाया है। पिया…

बिहार के शिक्षक -ब्यूटी कुमारी 

बिहार के शिक्षक  नित नई ऊर्जा के साथ  विद्यालय आते  बिहार के शिक्षक। बच्चों को पढ़ाते  मूल्यों का पाठ  बिहार के शिक्षक। कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित  बच्चों से रखते  भावनात्मक लगाव  बिहार…

बिहार का शिक्षक-मनु कुमारी

टूटी बेंचों, टपकती छतों के बीच वह शिक्षक खड़ा है— हाथ में केवल चाक नहीं, हाथ में बच्चों का भविष्य है। सीमित साधन, अनगिनत चुनौतियाँ, फिर भी हार नहीं मानता—…

आओ स्थापना दिवस मनाएँ-मृत्युंजय कुमार

देखो, सातवाँ स्थापना दिवस है आया, टीचर्स ऑफ बिहार परिवार में खुशियों का उजास छाया। सात वर्षों का यह सफर रहा सुहाना, शिक्षा के क्षेत्र में रचा गया अनगिनत कारनामा।…

अतुल है राष्ट्र की महिमा-एस.के.पूनम

जहाँ परिवेश है सुंदर, वही महिमा बढ़ाते हैं। पुराणों और वेदों से विद्या की लौ जलाते हैं। हमारा देश है प्यारा, धरा पर मान पाते हैं। अतुल है राष्ट्र की…

आत्मविश्वास से  भरे  डगर में -अमरनाथ त्रिवेदी

आत्मविश्वास  से  भरे  डगर में , न  मन, प्राण , वचन से   पीछे  जाना । हम सबके दिल के  स्नेह   हो  प्यारे , भविष्य  में  अपनी पहचान   बनाना । मन हर्षित दिल अभिलषित है  मेरा , तू  अभी   से   सँभलते   जाओ । स्नेहसिक्त  करूँ  आज  तुझे  मैं…

टीचर्स ऑफ बिहार : नवचेतना का उद्घोष-मनु कुमारी

जब शिक्षा को मिला नव संबल, जब शिक्षक को पहचान मिली, बीस जनवरी का वह पावन दिन, नव इतिहास की आधारशिला मिली। विचार बने दीप, श्रम बनी लौ, प्रतिभा को…

टीचर्स ऑफ बिहार हमारा-एम० एस० हुसैन कैमूरी 

आज है , टीओबी का स्थापना दिवस  आईए हम सब मिलकर इसको मनाएं  इसी से होती है हमारी रचनाएं प्रकाशित  जन – जन तक इस बात को पहुंचाएं  कौन करेगा…

ऋतुराज बसंत- रत्ना प्रिया

प्रकृति यौवन का रूप धार, करती नित्य-नूतन श्रृंगार, सौंदर्य शिखाओं में अनंत, चहुँ ओर खिला यह दिग-दिगंत, कण-कण में उल्लास छा गया । ऋतुराज बसंत है आ गया । पीत-वर्णी…