Author: madhukumari

Ram Kishore Pathak

बुद्ध की पावन धरा-राम किशोर पाठक बुद्ध की पावन धरा-राम किशोर पाठक 

0 Comments 7:42 pm

बुद्ध की पावन धरा। दिव्यता से है भरा।। है रमा जन्मस्थली। बोल मगही मैथिली।। अंगिका सह भोजपुरी। शिल्क है भागलपुरी।।[...]

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Ram Kishore Pathak

मर्यादा पुरुषोत्तम-राम किशोर पाठक मर्यादा पुरुषोत्तम-राम किशोर पाठक 

0 Comments 7:36 pm

बुलाते हैं प्यारे, सकल जन राजा भजन में। अधोगामी सारे, सहज तर जाते शरण में।। पिता आज्ञा से जो, गहन[...]

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Ram Kishore Pathak

नूतन वर्ष-राम किशोर पाठकनूतन वर्ष-राम किशोर पाठक

0 Comments 7:31 pm

आया है अपना शुभ संवत्सर, आओ खुशी मनाएँ। राग फाग का गाए हैं अब, माँ को जरा बुलाएँ।। हुई सुवासित[...]

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Ram Kishore Pathak

राम वन से आ गये- राम किशोर पाठक राम वन से आ गये- राम किशोर पाठक 

0 Comments 7:25 pm

राम वन से आ गये। देवता बन भा गये।। सूचना से राष्ट्र में। हर्ष पूरे छा गये।। शोक चौदह साल[...]

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Ram Kishore Pathak

मातु अम्बे आ रही-राम किशोर पाठक मातु अम्बे आ रही-राम किशोर पाठक 

0 Comments 7:20 pm

मातु अम्बे आ रही। सौम्यता दिखला रही।। भक्त को खुशियाँ मिली। दुष्ट को दहला रही।। रात्रि नौ मधुमास की। दिव्यता[...]

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Manu Raman Chetna

दहि तू एक्जाम रे ना -मनु कुमारीदहि तू एक्जाम रे ना -मनु कुमारी

0 Comments 2:56 pm

नुनू खुशी – खुशी से दहि तू एक्जाम रे, पाबिहैं बड़ा मुकाम रे ना। परीक्षा में डरै के नय कोनो[...]

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Ram Kishore Pathak

मेरे भोले नाथ जी-राम किशोर पाठकमेरे भोले नाथ जी-राम किशोर पाठक

0 Comments 11:47 am

शिव शंभू अविनाशी, कहलाते जो कैलाशी, घट-घट के हैं वासी, पार्वती के साथ जी। बेलपत्र पर रीझे, भक्तों से कभी[...]

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Kumkum

करो उद्धार प्रभु-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’करो उद्धार प्रभु-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

0 Comments 11:44 am

मुनि से शापित ये सुकोमल सी नारी, हो गई उपेक्षित अहल्या बेचारी।  महा तपस्विनी थी विदुषी जो नारी, क्यों बन[...]

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Nitu Rani

परीक्षा केअ एलै बहार-नीतू रानीपरीक्षा केअ एलै बहार-नीतू रानी

0 Comments 3:21 pm

परीक्षा केअ एलै बहार बहार मेरी सखिया बच्चा सेअ शोभै स्कूल हमार हमार मेरी सखिया परीक्षा —2। पहिले बच्चा अपन[...]

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Ram Kishore Pathak

हरि वामन बन आए-राम किशोर पाठकहरि वामन बन आए-राम किशोर पाठक

0 Comments 11:29 pm

भक्ति पुष्प फुलवारी महके, हरि आते हर्षाए। असुर राज बलि के ही द्वारे, हरि वामन बन आए।। प्रहलाद भक्त पुत्र[...]

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