चलने खाली पैर न देता। ठोकर सारे वह सह लेता।। रखे शूल से पाँव अछूता। क्या सखि? साजन! न सखी![...]
Author: madhukumari
Some People are like Sunsets-Ashish K PathakSome People are like Sunsets-Ashish K Pathak
Temporary, breathing, Impossible to hold Onto No matter how badly You want a moment to stay. They arrive quietly soften[...]
बेटियाँ-रूचिकाबेटियाँ-रूचिका
बेटियाँ संघर्षों की नींव पर एक मजबूत महल बनातीं भूत और वर्तमान को परे धकेलकर भविष्य को सुदृढ़ करने में[...]
हरि को लखना है -राम किशोर पाठक हरि को लखना है -राम किशोर पाठक
सबसे इतना ही कहना है। सबसे प्रेमिल ही रहना है।। द्वेष भला क्यों मन में धारे। सबको मिट्टी में मिलना[...]
उत्तम मास-राम किशोर पाठक उत्तम मास-राम किशोर पाठक
सूर्य का जब मेष धनु में, हो कभी भी वास। लोग कहते वर्ष का अब, आ गया खरमास।। मांगलिक कारज[...]
राधे-राधे -राम किशोर पाठकराधे-राधे -राम किशोर पाठक
आओ प्यारे राधे-राधे गाने आओ। बंशी वाले गोपाला को पाने आओ।। क्यों खोये हो यों ही बोलो अंगारा में। आओ[...]
शिव स्तुति – गिरीन्द्र मोहन झाशिव स्तुति – गिरीन्द्र मोहन झा
शिव शिव हर हर जपो निरंतर । साम्ब सदाशिव शम्भो महेश्वर ।। ॐ हर हर हर महादेव – 2 नीलकंठ[...]
माँ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ माँ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
जन्म देकर कह रही माँ,पूज लो भगवान को। लग गया आघात पल में,आज तो “अनजान”को।। कर लिया ऐसा अगर मैं,छोड़कर[...]
कविता और कवि – राम किशोर पाठक कविता और कवि – राम किशोर पाठक
मैं वही शब्द का शिल्पकार हूँ। काव्य में भाव का चित्रकार हूँ।। छंद कविता बनी खास संगिनी। हर रही चित[...]
संबंध – राम किशोर पाठक संबंध – राम किशोर पाठक
सुंदर सा संबंध, जहाँ बन जाए। जीवन का सुख सार, वही हम पाए।। हर रिश्तों के संग, रहे समरसता। सुरभित[...]
